सिंडिकेट बैंक के कर्मचारियों पर एक सप्ताह से कैश न बांटने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को गुस्साए ग्रामीणों और महिलाओं ने कमालपुर गांव के सामने मेरठ-गढ़ मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। काफी हंगामे के बाद पुलिस ने लिखित में शिकायत करने पर बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद जाम खुलवाया जा सका।
मेडिकल थाना अंतर्गत गांव कमालपुर में सिंडिकेट बैंक की शाखा है। जिसमें गांव गोकलपुर, कमालपुर, गेसूपुर सहित आसपास के कई गांवों के लोगों के खाते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बैंक मैनेजर और कर्मचारी आम लोगों को एक सप्ताह से नगदी नहीं दे रहे हैं। जबकि अपने जानकार लोगों को पेमेंट करने में जुटे हैं। कैश की किल्लत से ग्रामीणों के सारे काम रुके हैं।
नोट भी नहीं बदले
ग्रामीणों का आरोप था कि बैंक कर्मियों ने अपने जानकार लोगों के ही नोट बदले। जबकि ग्रामीणों को टकराया जाता रहा। कुछ ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक बैंक मैनेजर सोनम सभी गांवों के लोगों को पेमेंट करने का आश्वासन नहीं देंगी, तब तक बैंक नही खुलने दिया जाएगा।
जाम से लगी वाहनों की कतारें
गोकलपुर, कमालपुर, गेसूपुर, दतावली सहित अन्य गांवों के लोगों और महिलाओं ने सिंडिकेट बैंक के सामने ही मेरठ-गढ़ मार्ग जाम किया तो दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई घंटे तक यात्री जाम में ही फंसे रहे। पुलिस ने थोड़ा सख्ती दिखाने का प्रयास किया तो ग्रामीण उग्र हो गए। पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। बाद में पुलिस ने लिखित शिकायत करने पर बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तो ग्रामीणों ने जाम खोला।