बैंकों और एटीएम में एक बार फिर नोटबंदी के बाद जैसे हालात हो गए हैं। बैंकों में कैश की किल्लत के साथ नई करेंसी भी शार्ट होने लगी है। किसी-किसी एटीएम में ही कैश मिल रहा है। शादी विवाह का सीजन शुरू हो गया है। अगर बैकिंग व्यवस्था न सुधरी तो लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। ‘अमर उजाला’ ने बुधवार शाम 4 बजे से शाम छह बजे तक शहर की एटीएम व्यवस्था का हाल जाना। अधिकांश एटीएम खाली ही मिले।
केनरा बैंक बागपत रोड
इस एटीएम से निकल रहे एक युवक ने बताया कि कैश ही नहंी है। अंदर जाकर देखा तो एटीएम के मॉनिटर पर ‘नो कैश इन एटीएम’ लिखा था। जो भी यहां आता, मायूस ही लौट रहा था।
एसबीआई केसरगंज
बैंक परिसर में लगे इस एटीएम का शटर आधे से ज्यादा बंद था। आसपास के लोगों ने बताया कि इसमें या तो कैश नहीं है या फिर खराब है। लोग खाली हाथ लौट रहे थे।
यूनियन बैंक दिल्ली चुंगी
दिल्ली चुंगी पर पेट्रोल पंप के पास इस एटीएम का शटर बंद था। आसपास के लोगों ने बताया कि ये खराब है। हालांकि इसके पास लगा पंजाब एंड सिंध बैंक का एटीएम चालू था।
एचडीएफसी कचहरी रोड
इस एटीएम में कैश नहंी था। कई लोग यहां कैश लेने आ रहे थे। लेकिन खाली हाथ लौट रहे थे। ब्रांच परिसर में ही लगे इस इस एटीएम में कैश न होना लोगों को अखर रहा था।
पीएनबी कचहरी रोड
इस ब्रांच का एटीएम भी खाली था। कुछ लोग यहां कैश निकालने आए। लेकिन खाली लौट रहे थे।
आईडीबीआई ईस्टर्न कचहरी रोड
एटीएम को तकनीकी स्टाफ ठीक कर रहा था। बताया कि ठीक होने के बाद इसमें कैश डालकर चालू कर दिया जाएगा।
400 ब्रांच 350 एटीएम
जिले में करीब 400 बैंक शाखाएं हैं। करीब 350 एटीएम लगे हैं। व्यापारियों और आम लोगों को एटीएम खाली मिलने से ज्यादा परेशानी हो रही है।
बैंकों में जमा कम निकासी ज्यादा
बैंकों में कैश की किल्लत से अफसर भी इंकार नहीं कर रहे हैं। एसबीआई कैंट ब्रांच के एजीएम संजय सिंह का कहना है कि नोट बंदी के बाद लोगों ने पुरानी करेंसी तो जमा करा दी थी। लेकिन बैंकों में कैश की कमी की वजह से लोग जरूरत के अनुसार कैश नहीं निकाल सके। बैंकों में पर्याप्त करेंसी आने पर लोगों ने निकासी शुरू की। कुछ समय से जमा कम है, नई करेंसी भी कुछ कम आ रही है, इसी कारण कैश सर्कुलेशन के साथ एटीएम में भी कैश लोड करने का रोटेशन थोड़ा गड़बड़ाया है।