आज से बजेगा बैंडबाजा, खूब होगा धूमधड़ाका
मेरठ। देवोत्थान एकादशी के साथ आज से शुभ विवाह मुहूर्त की शुरुआत हो गई है। शुक्र अस्त होने के बाद भी अबुझ मुहूर्त को देखते हुए शहर में 500 से अधिक विवाह समारोह होंगे। वर्ष के अंतिम दिन दिनों में पहला सबसे बड़ा साया आज होगा जब 100 करोड़ से अधिक कारोबार होगा। बाजार में दीपावली के बाद एक बार फिर लक्ष्मी वर्षा होगी।
बैंडबाजों के साथ डीजे पर भी जबरदस्त धूमधड़ाका होगा। जुलाई के बाद अब चार माह बाद नवंबर में विवाह का पहला मुहूर्त आया है। शहर के सभी विवाह मंडप, पार्टी पैलेस के साथ बाजार में भी खरीदारी हो रही है।
डेकोरेशन से लेकर बैंड बग्गी पर अच्छा खर्च
स्टेज, फूल, बैंड, बग्गी सहित स्टेज की सजावट और इससे जुड़े कार्यों पर जबरदस्त पैसा खर्च किया जा रहा है। थीम विवाह भी इस बार आयोजित किए जा रहे हैं। दूल्हे के अतिरिक्त कोई ब्लैक एंड वाइट तो रेड रोज थीम पर विवाह समारोह में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
विवाह समारोह का औसत खर्च
शहर में विवाह समारोह - 500
होटल, फार्म हाउस, मंडप - 1.5 लाख से 6 लाख
डेकोरेशन - 50 हजार से 10 लाख
बैंड बग्गी - 35 हजार से 2 लाख
कैटरिंग - 4 लाख से 25 लाख
डीजे - 5 हजार से 1 लाख रुपये
आरकेस्ट्रा, स्टेज, इवेंट - 50 हजार से 5 लाख
आतिशबाजी - 25 हजार से 2.5 लाख
जरदोजी वाले लहंगे महिलाओं को भाए
बाजार में जरदोजी वाले लहंगों की मांग बड़ी है। फैशन डिजाइनर्स के द्वारा तैयार किए गए ब्राइडल लेहंगा भी पसंद किया जा रहा है। युवतियों हलके पिस्टल रंग वाले लहंगे पसंद कर रही हैं। बाजार में 7 हजार से लेकर 3 लाख तक की कीमत वाले डिजाइर लहंगे बाजार में उपलब्ध हैं।
आतिशबाजी से दुर्घटना का बड़ा खतरा
विवाह समारोह में आतिशबाजी होती है। इसमें सर्वाधिक अनार और स्काई शॉट का प्रयोग किया जाता है। मंडप एसोसिएशन महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि स्थानीय आतिशबाजी से निकलने वाली चिंगारी गर्ग होती है। यह चिंगारी अगर कपड़ों पर या कार्पेट पर गिर जाए तो आग लगने का खतरा रहता है। विपुल सिंघल ने कहा कि आतिशबाजी पूरी तरह दिल्ली एनसीआर में प्रतिबंधित है। आतिशबाजी से प्रदूषण भी बढ़ेगा।