नीरज दौनेरिया ने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान मांस-मछली की दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहनी चाहिए, जिससे यात्रा की पवित्रता बनी रहे और सामाजिक सौहार्द न बिगड़े।
राजनीतिकरण से परहेज की अपील
उन्होंने कहा कि संवेदनशील धार्मिक विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे असामाजिक तत्वों को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने संगठन के पुराने रुख को दोहराते हुए लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों पर कठोर रुख अपनाने की बात कही।
परतापुर स्थित बीके एकेडमी में एक लाख पौधरोपण का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने कहा कि 'पौधरोपण सिर्फ अभियान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्तरदायित्व है।'
इसके अलावा मलियाना की सेवा बस्ती में एक निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन कर सैकड़ों लोगों को इलाज व दवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर का उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।