दरोगा के उत्पीड़न से परेशान होकर 12 जनवरी को खुद को आग लगाने वाले टेंपो यूनियन के प्रधान की मौत के बाद रविवार को हंगामा हुआ। दोपहर को शव दिल्ली से आया तो कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश काजला समेत दर्जनों लोग शव लेकर टीपीनगर थाने जाने लगे। घंटों चले बखेड़े के बाद पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कराया। लोगों ने आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी की मांग की।
टीपीनगर थाना क्षेत्र की चंद्रलोक कॉलोनी निवासी अश्वनी पुत्र जतन लोधी मलियाना टेंपो यूनियन का प्रधान था। वह बेगमपुल से मलियाना तक टेंपो चलाता था। 22 फरवरी को उसकी शादी थी। 12 जनवरी को इरा मॉल चौकी प्रभारी राजदेव पूनिया मलियाना पुल के नीचे पहुंचे। आरोप है कि दरोगा ने अश्वनी से पांच हजार रुपये की मांग की। टेंपो चालक ने दरोगा पर अवैध वसूली का आरोप लगा हंगामा किया। पुलिस उत्पीड़न से परेशान अश्वनी ने अपनी स्कूटी से पेट्रोल निकालकर खुद को आग लगा ली। शनिवार को अश्वनी की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी। रविवार दोपहर शव मेरठ पहुंचा।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष समर्थकों के साथ पहुंचे। उसके साथ टेंपो चालकों और परिजनों ने शव मलियाना चौकी के पास रख दिया। धरने पर बैठकर सभी नारेबाजी करने लगे। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ और एसीएम ब्रहमपुरी व टीपीनगर एसओ दिनेश चंद्र मौके पर पहुंचे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोपी दरोगा राजदेव पूनिया को गिरफ्तार कर जेल भेजने, पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रशासन यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं करता तो कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेगी। मेरठ व्यापार मंडल के अध्यक्ष जीतू नागपाल और जिला प्रमुख शैंकी वर्मा भी धरने पर बैठे। बाद में भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा, तुषार गुप्ता भी पहुंचे। सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी ने आश्वासन दिया कि पुलिस जांच कर रही है। दरोगा को निलंबित कर मुकदमा दर्ज किया गया था।
एक घंटे तक रहा जाम
बागपत रोड पर सैकड़ों की भीड़ के चलते एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारी जूझते रहे। भीड़ की वजह से आरएएफ भी बुलानी पड़ी। पीड़ित परिजन दरोगा को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। परिजनों ने बिलखते हुए कहा कि युवक की 22 फरवरी को शादी होनी थी। अश्वनी की मौत के बाद सब कुछ चला गया।