सिनौली फिर से चर्चा में है। दूसरी बार उत्खनन में फिर कब्र गाह मिला है। यह तो साबित हो गया कि यहां का इतिहास पांच हजार साल या इससे भी अधिक पुराना है, लेकिन अभी कई सवाल बाकी है। सिनौली में अगर कब्रगाह था तो आबादी कहां थी और यहां से कितनी दूर थी। किस तरह का शहर बसाया गया था या फिर कोई बड़ा ग्रामीण संस्कृति का गांव था। अनुमान तो यह है कि यमुना नदी नजदीक ही है। इसके आसपास ही कोई बड़ा गांव या शहर रहा होगा, गांव या शहर के लोगों के शवों को सिनौली और इसके आसपास के क्षेत्र में दफनाया जाता रहा है।
वहीं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केके शर्मा कहते हैं कि यहीं लंबी जांच और सर्वेक्षण का विषय है। पिछले पांच हजार साल में कितने गांव, कितने शहर उजड़े और फिर दोबारा बसाए गए। वर्तमान समय में भी आबादी से दूर ही श्मशान घाट या कब्रिस्तान को दूर बनाया जाता है, तब भी इसी तरह की परंपरा रही होगी।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/