दोनों प्रतिमाएं आ गईं हैं। इनके लिए चबूतरे का निर्माण कराया गया था। आरोप है प्रशासन ने सत्ताधारी नेताओं के दबाव में रात के अंधेरे में चबूतरा ध्वस्त करा दिया। इस मुद्दे पर वह डीएम से मिले, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
कहा कि डीएम अब छह माह बाद भी इस प्रस्ताव की फाइल अपने पास न आने और प्रतिमा स्थापना के लिए अनुमति लेने की बात कर रहे हैं। प्रशासन ने यदि किसी तरह का दबाव बनाया तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस मौके पर रालोद जिलाध्यक्ष डॉ. जेपी सिंह, गुर्जर महासभा के जिलाध्यक्ष करतार सिंह, उपाध्यक्ष सौराज सिंह, पूर्व विधायक राजेंद्र मुन्ना व अजय तोमर, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
पंचायतों में तय की जाएगी रणनीति
इस मुद्दे को लेकर रालोद नेताओं ने सरूरपुर कलां गांव में बुधवार दोपहर दो बजे सर्वजातीय पंचायत बुलाई है। जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बागपत में गुर्जर महासभा ने भी समाज की पंचायत आहूत की है। रालोद नेताओं का कहना कि प्रतिमाओं की स्थापना हर कीमत पर की जाएगी। इसके लिए कोई बड़ा आंदोलन ही क्यों न करना पड़े।
17 मार्च को समाप्त हो रहा ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल
रालोद नेता और ब्लॉक प्रमुख सुभाष गुर्जर का कार्यकाल 17 मार्च को समाप्त हो रहा है। रालोद नेताओं का आरोप है कि प्रशासन जानबूझ कर प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम को अटका रहा है। पहले भी महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना जिलेभर में हुईं हैं। इससे पहले प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई। साफ जाहिर है प्रशासन का यह रवैया राजनीति से प्रेरित है।
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