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बागपत: पल भर में यमुना में समा गईं परिवार की खुशियां, मां का शव बरामद, बेटी की तलाश जारी

Tue, 30 Apr 2019 12:23 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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एनडीआरएफ की टीम महिला के शव को बाहर निकालते हुए - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बागपत में यमुना नदी पार कर अपने खेतों तक जाना एक किसान परिवार के लिए मुसीबत बन गया। यहां काठा नाव हादसे का दर्द अभी बागपत भूला भी नहीं था कि मवी कलां गांव के सामने यमुना ने देखते ही देखते फिर से एक परिवार की सारी खुशियों को लील लिया।
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यहां नदी पार करते हुए परिवार भैंसा-बुग्गी सहित नदी में समा गया। परिवार के चार सदस्य डूब गए। पिता-पुत्र ने किसी तरह तैरकर जान बचा ली। जबकि एमए की छात्रा और उसकी मां नदी में समा गई। नदी में डूबने से भैंसें की मौत हो गई। कई घंटे तलाश करने पर एनडीआरएफ की टीम को मंगलवार सुबह नदी से मां का शव बरामद हुआ है। 

इस दर्दनाक घटना से जहां ग्रामीणों में शोक की लहर है वहीं इस हादसे ने प्रशासन और सरकार दोनों ही सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसा पहली बार नहीं है जब यहां किसानों को अपने खेतों पर जाने के लिए हर रोज मौत से मुकाबला करना पड़ता हो। ग्रामीण कई बार नदी पर पुल बनवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन हर बार प्रशासन ने इसे अनसुना कर दिया। 
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सोमवार सुबह इस घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही डीएम और एसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ की टीम ने पहुंचकर नदी में मां-बेटी की तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। स्थानीय गोताखोर भी नदी में दोनों की तलाश कर रहे हैं। 
 
ग्रामीणों ने बुग्गी व भैंसें के शव को बाहर निकाला
काठा गांव निवासी 65 वर्षीय किसान सहेंद्र की यमुना नदी के पार पांच बीघा कृषि भूमि है। जिसमें गन्ने की फसल खड़ी हुई है। सोमवार को सुबह करीब छह बजे  ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के पुल के पास से यमुना नदी पार करने लगे तो पानी का बहाव तेज होने के कारण भैंसा-बुग्गी नदी में पलट गई। 
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बुग्गी में सवार किसान सहेंद्र, उसकी पत्नी राजबीरी (50), बेटी कोमल (20), दिव्यांग बेटा नीटू (30) नदी में डूब गए। किसान सहेंद्र और उसके बेटे नीटू ने तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन मां-बेटी नदी में समा गई। नदी किनारे ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी। 

पुलिस गोताखोरों को साथ पहुंची। मां-बेटी की तलाश कराई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। एनडीआरएफ टीम ने यमुना नदी में कई किमी तक मोटर बोट से मां-बेटी की तलाश की। मंगलवार को मां एनडीआरएफ की टीम ने मां की लाश को नदी से बाहर निकाला। 

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