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UP: सागर के बाप के सामने इसलिए गिड़गिड़ाई थी सानिया की मां, धमकी के डर से परिवार ने युवक को भेज दिया था हिमाचल

Sat, 26 Jul 2025 03:55 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

बागपत के पलड़ा गांव से 15 जुलाई को घर से गई युवती को उसके परिजनों ने हिमाचल प्रदेश से गांव के रहने वाले उसके प्रेमी के साथ पकड़ लिया। वहां से लाकर पहले 16 जुलाई को गांव के जंगल में नलकूप पर बंधक बनाकर दोनों की पिटाई की। फिर 23 जुलाई की सुबह युवती की हत्या कर दी।
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Baghpat Murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागपत जिले के पलड़ा गांव से प्रेमी के साथ गई सानिया (18) की हत्या का मामला सामने आया है। परिजन उसे हिमाचल से बरामद कर घर ले आए थे। इस दौरान उसके प्रेमी कोी पिटाई करने के बाद उसे छोड़ दिया था, जबकि युवती की हत्या कर शव को कब्रिस्तान में दबा दिया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने घर से फरार हैं।
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दरअसस, दोघट कस्बे के पलड़ा गांव निवासी सागर का गांव की ही सानिया (18) के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। 15 जुलाई को सागर अपने साथ सानिया को लेकर चला गया था। 16 जुलाई को सानिया के परिजनों ने दोनों को हिमाचल प्रदेश में पकड़ लिया।

सागर के पिता रामपाल का कहना है कि दोनों को गांव पलड़ा लाया गया और नलकूप पर लाकर पीटा गया। सागर को जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया गया। वहीं, परिजनों ने सानिया को बहुत समझाया, मगर वह नहीं मानी। 23 जुलाई को गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव कब्रिस्तान में दफना दिया।
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दरअसल, बागपत के पलड़ा गांव के रहने वाले रामपाल ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है। वह छह फरवरी को गांव में वापस आकर रहने लगा था। होली पर्व के आसपास गांव के ही एक वलीस की बेटी सानिया के साथ उसके बेटे सागर की दोस्ती हो गई। 

कुछ दिन पहले गांव के ही वलीस का बेटा उनके घर आया और उसके बेटे पर अपने घर के बाहर खड़े होने का आरोप लगाकर जान से मारने की धमकी देकर गया। उनसे डरकर उसने अपने बेटे सागर को गांव से दोबारा हिमाचल प्रदेश में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने भेज दिया।

 

रामपाल और उसकी बेटी को गाड़ी में डालकर ले गए आरोपी
रामपाल ने बताया कि 15 जुलाई को सानिया भी अपने घर से लापता हो गई। तभी रात में करीब तीन बजे वलीस का बेटा साहिब अपने चचेरे भाई और रिश्तेदार के साथ उनके घर आया। वह सागर के बारे में पूछताछ करने लगे। 
 

सागर का फोन बंद मिलने पर साहिब ने परिवार को जान से मारने की धमकी दी और उसे व उसकी नाबालिग बेटी को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर हिमाचल लेकर चला गया। 16 जुलाई को हिमाचल प्रदेश में ईंट भट्ठे पर मिले सागर के साथ साहिब और अन्य ने मारपीट की, वहां से सागर उन्हें कुछ दूर ही सानिया के पास ले गया।

 

गांव में फैली टीबी से मौत की बात
गांव में 23 जुलाई को सानिया की मौत की खबर फैली तो पहले टीबी से मौत होने की बात कही गई। मगर इस बारे में एसपी को फोन करके शिकायत की गई। पुलिस ने मामले में सानिया के परिजन मतलूब को पकड़कर पूछताछ की तो पूरी घटना के बारे में बता दिया। परिवार के अन्य सदस्य घर से फरार हैं। शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए डीएम ने शुक्रवार शाम को अनुमति दी। 

 

सागर के पिता के सामने गिड़गिडाई थी सानिया की मां
रामपाल ने बताया कि होली पर्व के एक माह बाद ही सागर और सानिया को एक साथ देखा गया था। इसके बारे में वह सानिया के परिवार वालों को बताने के लिए गए तो वहां पर सानिया की मां मिली। सानिया की मां उनके सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगी और कहने लगी कि परिवार वालों को पता चला तो सानिया की हत्या कर देंगे। उसकी बात मानकर उन्होंने मामला दबा दिया और किसी के सामने जिक्र भी नहीं किया।

 

और लोग भी शामिल थे, यह कहलाकर सागर की वीडियो बनाई
रामपाल के अनुसार, हिमाचल प्रदेश से पलड़ा गांव तक गाड़ी में सागर और सानिया की पिटाई की गई। गांव में सानिया के परिवार वाले दोनों को अपने नलकूप पर ले गए और वहां भी बंधक बनाकर पिटाई की। साहिब ने सागर की वीडियो बनाकर सोनिया को ले जाने में दूसरे युवकों के शामिल होने के बारे में भी कहलवाया। पिटाई करने के बाद दोबारा गांव में दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी देकर सागर, उसके पिता रामपाल, बहन अंशु को रास्ते में छोड़ दिया और सानिया को लेकर घर ले गए। 
 

23 जुलाई की सुबह परिवार वालों ने सानिया की हत्या कर कब्रिस्तान में गड्ढा खोदाई कर शव दबा दिया। रामपाल ने बताया कि साहिब और उसके परिवार वालों ने 15 जुलाई को सानिया की गोली मारकर हत्या का एलान कर दिया था।
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दहशत में सागर का परिवार
रामपाल ने बताया कि वह अनुसूचित जाति से है और गांव में उनकी जाति के करीब बीस घर है जबकि पूरा गांव मूले जाट जाति के लोगों का है। नलकूप पर बंधक बनाकर पिटाई के बाद उसे अपने बेटे की हत्या होने का डर सताने लगा था, इसी वजह से 17 जुलाई की सुबह सागर को पुसार बस स्टैंड पर छोड़कर आ गया। सानिया के परिवार वालों की धमकी मिलने के बाद से उसका परिवार भयभीत है और गांव के लोग भी मदद करने को आगे नहीं आए।
 
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