सिनौली में 2005-06 में उत्खनन कार्य डॉ. डीवी शर्मा के निर्देशन में किया था। पिछले दिनों डॉ. शर्मा ने भी सिनौली पहुंचकर साइट का निरीक्षण किया और यहां से बरामद हुए मृदभांड एवं अन्य चीजों की जानकारी जुटाई।
डेक्कन कॉलेज की टीम पहुंची बरनावा
बरनावा में चल रहे उत्खनन कार्य में सहयोग के लिए डेक्कन कॉलेज, पुणे की टीम भी पहुंच गई है। पिछले दिनों संस्थान के निदेशक डॉ. बसंत ने भी बरनावा और सिनौली का निरीक्षण किया था। छह शोधार्थी और एक प्रोफेसर बरनावा और सिनौली में सहयोग कर रहे हैं।
लाक्षागृह की नहीं खुल सकी परतें
महाभारत कालीन बताए जाने वाले लाखा मंडप टीले के निकट हिंडन नदी के किनारे पुरातत्व विभाग की टीम उत्खनन धीरे-धीरे कर रही है। पुरातत्व संस्थान के निदेशक डॉ. एसके मंजुल के नेतृत्व में उत्खनन चल रहा है, लेकिन यहां पर कंकाल और पुरानी ईंटों की दीवारों के अलावा किसी तरह की महाभारत कालीन चीजें नहीं मिली हैं। चित्रित धूसर मृदभांड मिलने से यह जाहिर है कि हिंडन नदी के किनारे प्राचीन संस्कृति मौजूद थी।
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