फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोवंशीय पशु बने शहर के लिए बड़ी मुसीबत, स्कूल के गेट से वापस लौटे छात्र-छात्राएं

Mon, 14 Jan 2019 08:55 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
स्कूल में बंधे गोवंशीय पशु - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बागपत के क्यामपुर, निबाली और भगोट गांव में सरकारी स्कूलों में बंद गोवंशीय पशुओं को ग्रामीणों ने नहीं छोड़ा। इस कारण सोमवार को स्कूल नहीं खुले। निबाली में प्राथमिक विद्यालय नंबर दो के छात्र-छात्राओं को दूसरे विद्यालय में पढ़ाया गया। बेसहारा गोवंशीय पशुओं को लेकर ग्रामीणों के बीच गुस्सा है।

विज्ञापन


डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर हालात की समीक्षा की। टीकरी और मीतली के आश्रय स्थलों का निर्माण तेजी से पूरा करने और यहां पर गोवंशीय पशुओं को आसरा दिए जाने के निर्देश दिए। 
 
क्यामपुर गांव में पांच दिन से प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में आवारा गोवंशीय पशु बंद है। पांच-छह गोवंशीय बछड़े बीमार है। ग्रामीण ने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर रखी है। सोमवार को प्राथमिक विद्यालय खुलना था, लेकिन ग्रामीणों ने स्कूल नहीं खुलने दिया। छात्र-छात्राएं व शिक्षक स्कूल के गेट पर ताला लटका देख वापस चले गए। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक गोवंशीय पशुओं का कोई प्रबंध नहीं हो जाता, तब तक स्कूल नहीं खुलने देंगे।

विज्ञापन

वहीं निबाली गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में बंद 45 गोवंशीय पशुओं को ग्रामीणों ने नहीं छोड़ा। स्कूल के गेट पर ग्रामीणों ने ताला लगा रखा है। सोमवार को स्कूल भी नहीं खुलने दिया। कर्ण धामा, महावीर सिंह, चौधरी धन्ना, जयभगवान आदि ने बताया कि गोवंशीय पशुओं ने गेहूं की फसल बर्बाद कर दी है। परेशान होकर पशुओं को स्कूल में बंद किया।

प्रधानाचार्य रमेश दत्त शर्मा सोमवार को स्कूल पहुंचे तो स्कूल में गोवंशीय पशु बंद थे। प्रधानाचार्य अधिकारियों को जानकारी देने के लिए बागपत चले गए। शिक्षिका मंजू ने बताया कि छात्र-छात्राओं को प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में पढ़ाया गया। ग्राम प्रधान रामपाल धामा ने बताया कि डीपीआरओ को सूचना दे दी। गोवंशीय पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की।  

भगोट में दूसरे दिन में ग्रामीणों ने पकड़े पशु 
चांदीनगर के भगोट गांव में ग्रामीणों ने खेतों में घूम रहे गोवंशीय पशुओं को दूसरे दिन भी पकड़ कर प्राइमरी स्कूल में बंद कर दिया। सोमवार को स्कूल भी नहीं खुला। छात्र-छात्राएं स्कूल के गेट पर ताला लटका देख वापस लौट गए। ग्रामीणों ने गांव में गोशाला बनवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। डीएम से गोवंशीय पशुओं का प्रबंध करने की मांग की। इस अवसर पर श्यामबीर बंसल, कर्मवीर बंसल, महेश कुमार, जीतन बंसल, अक्षय सिंह, मोहित, गोली, पिंटू, राहुल, भारत, नितिन आदि रहे।
विज्ञापन

बड़ौत तहसील में बनवाई जाए गोशाला
छपरौली में कस्बे के तिरखा नाथ मंदिर में आवारा गोवंशीय पशुओं को लेकर ग्रामीणों की पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि बेसहारा गोवंशीय किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। प्रशासन को पशुओं का प्रबंध करना चाहिए। बड़ौत तहसील में गोशाला बनवाई जाए। निर्णय लिया कि यदि जल्दी ही प्रशासन ने गोवंशीय पशुओं को गौशाला में नहीं भिजवाया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी अध्यक्षता सहदेव सिंह ने की। संचालन भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने किया। इसमें सुरेश पाल, ओमवीर सिंह डायरेक्टर, योगेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रणवीर सिंह, सुखपाल, अजय कुमार, वीरेंद्र, राम कुमार, जयपाल, हरदीप, नीरज, जितेंद्र आदि रहे। 

डीएम ने की समीक्षा, जल्द राहत मिलने की उम्मीद 
डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। टीकरी और मीतली में बनाए जा रहे मुख्य आश्रयस्थलों का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा खेकड़ा और बड़ौत में भी पशुओं के लिए व्यवस्था होगा। ग्राम पंचायत स्तर पर भी इंतजाम होंगे। डीएम ने उपजिलाधिकारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्य में तेजी लाएं, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें