बागपत में रालोद और सपा नेताओं के शनिवार को जोरदार हंगामे के बाद पुलिस बैकफुट पर दिखाई दे रही है। रविवार को पुलिस ने जिला पंचायत के वार्ड-3 से सदस्य महबूब अल्वी के भाई व पुत्रों का शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। कोर्ट से तीनों को जमानत मिल गई। पुलिस ने सड़क जाम करने और आरोपियों को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के मामले में दो मुकदमे दर्ज किए हैं।
जिला पंचायत सदस्य महबूब अल्वी के भाई मतलूब और पुत्र राजू व आदिल की गिरफ्तारी को लेकर रालोद और सपा नेताओं ने शनिवार को जमकर हंगामा किया था। बिनौली थाने का घेराव करते हुए और मेरठ-बड़ौत मार्ग पर जाम लगा दिया था। आरोपियों को पुलिस से छुड़ाने का प्रयास भी किया गया था।
अधिकारियों के घंटों समझाने के बाद धरना समाप्त किया गया था। तीनों आरोपियों पर जानलेवा हमले और एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था। लेकिन रविवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों का शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। कोर्ट से तीनों को जमानत मिल गई।
वहीं, हंगामा कर जाम लगाने के मामले में 40 नामजद और 40 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, आरोपियों को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के प्रयास में पुलिस ने 6 नामजद व करीब 8 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य मे बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया गया है। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उनके नाम छिपाए जा रहे हैं।