खेकड़ा से सहारनपुर तक एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव ने कार्य की प्रगति देखी। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय से आए अफसरों ने भी जायजा लिया है। एक्सप्रेसवे का कार्य का कुछ कार्य पूरा होना बाकी है। मार्च में इसे शुरू करने की तैयारी है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को मार्च के आखिरी सप्ताह में शुरू करने की तैयारी है। इसका कार्य पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इसका जायजा लेने के लिए शनिवार शाम को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी आए तो रविवार सुबह को एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव ने आकर निरीक्षण किया।
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एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सहारनपुर तक के दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के हिस्से का निर्माण चल रहा है। इसको दिसंबर 2025 में शुरू करने का दावा किया गया। यह दावा इसलिए पूरा नहीं हो सका, क्योंकि एक्सप्रेसवे का काफी कार्य बाकी था। अब एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हो चुका है, मगर टोल प्लाजा व फिनिशिंग का कार्य बाकी है।
इसका उद्घाटन कराने के लिए पूरी रिपोर्ट सड़क परिवहन मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपी जाएगी। इसलिए ही शनिवार शाम को प्रधानमंत्री कार्यालय से अधिकारियों ने खेकड़ा से सहारनपुर तक एनएचएआई के अधिकारियों के साथ एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। इसके बाद रविवार सुबह को एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव भी एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने पहुंचे।
चेयरमैन संतोष यादव ने बागपत के अधिकारियों के साथ मवीकलां में एक्सप्रेसवे के निर्माण की स्थिति को देखा तो वहां उनको सब ठीक मिला। वहां कुछ फिनिशिंग का कार्य बाकी है, जो जल्द पूरा होगा। इसके बाद वह मुजफ्फरनगर, शामली होते हुए सहारनपुर तक गए। जिन जगहों पर फिनिशिंग का कार्य बाकी है, वह मार्च के पहले सप्ताह तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद इसका ट्रायल किया जाएगा, जो कई दिन तक चल सकता है। ट्रायल सफल होने के बाद इसके उद्घाटन के लिए मंत्रालय की तरफ से प्रधानमंत्री कार्यालय से समय लिया जाएगा। इस तरह मार्च के आखिर में इसका उद्घाटन होने की उम्मीद जताई जा रही है और इसको पूरी तरह से वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
दिल्ली से देहरादून ढाई घंटे में पहुंच जाएंगे
इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से हो रही है और यह देहरादून में खत्म होगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक इसे एलिवेटेड बनाया गया है और आगे मिट्टी डालकर ऊंचाई पर बनाया गया है। इससे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के अलावा आसपास के जिलों व दिल्ली के लोगों को काफी फायदा होगा। दिल्ली से अभी तक देहरादून जाने में करीब छह घंटे लगते हैं और इसके शुरू होने से केवल ढाई घंटे में वहां पहुंच जाएंगे।
एलिवेटेड सड़क को एक दिसंबर को खोला गया
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के दिल्ली से खेकड़ा तक के हिस्से एलिवेटेड सड़क का निर्माण होने के बाद भी इसका उद्घाटन नहीं किया जा रहा था। इसका कारण यह था कि सहारनपुर तक के हिस्से के साथ ही इसका उद्घाटन करना था, मगर इसमें देरी होने पर एलिवेटेड हिस्से को एक दिसंबर को वाहनों के लिए खोल दिया गया था।