शहर में 10 के सिक्के को लेकर आए दिन विवाद हो रहा है। कई जगह मारपीट भी हो चुकी है। बैंक भी सिक्कों को लेने में आनाकानी करने लगे हैं। ऐसे में 10 के सिक्के को लेकर बड़ी घटना भी हो सकती है।
10 के सिक्कों को लेकर रिजर्व बैंक स्पष्ट कर चुका है कि यह भारतीय मुद्रा है। इसे लेने से कोई इनकार नहीं कर सकता। बावजूद आए दिन सिक्कों के लेकर विवाद हो रहे हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले सिक्के को लेकर सुपरटैक के निकट स्थित एक दुकान पर दुकानदार और ग्राहक में जमकर मारपीट हुई थी। चार दिन पूर्व मलियाना में भी दुकानदार और ग्राहक उलझ गए थे। बस, ऑटो, रिक्शा वाले भी सिक्के लेने से इनकार कर रहे हैं। ऐसे में लोगों के भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बागपत रोड स्थित एक दुकान के मालिक ने बताया कि उन्हें माल सप्लाई करने वाले एक डिस्ट्रीब्यूटर को उन्होंने 50 सिक्के दिए, लेकिन उसने लेने से इनकार कर दिया। मोहनपुरी निवासी दूध डेयरी संचालक संजीव मित्तल ने बताया कि वह 10 के 500 सिक्के बैंक में जमा करने गया, लेकिन बैंक ने लेने से मना कर दिया। उसने डीएम के यहां शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। व्यापारियों का कहना है कि बैंक भी सिक्के नहीं लेंगे तो कम कीमत में इन्हें बेचना मजबूरी हो जाएगा।
आरबीआई को कराएंगे अवगत
एलडीएम अवीनाश तांती ने बताया कि वह इस संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को मेल करेंगे। पूछा जाएगा कि 10 का सिक्का लेने से मना करने वालों पर क्या कार्रवाई हो सकती है। तांती ने बताया कि रिजर्व बैंक से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे उसकी प्रति पुलिस और प्रशासन को देकर आनाकानी करने वालों पर कार्रवाई कराई जाएगी।