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अधिवक्ता हत्याकांड में ‘बद्दो’ को उम्रकैद, कुछ ऐसा था लाइफ स्टाइल

Tue, 31 Oct 2017 02:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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बदन सिंह ‘बद्दो’ को उम्रकैद
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मेरठ में हत्या के मामले में बदन सिंह ‘बद्दो’ को उम्रकैद की सजा हुई तो जिंदगी जेल की सलाखों के बीच जा पहुंची। दरअसल बद्दो की लाइफ स्टाइल भी कुछ ऐसी रही, जो मेरठ ही नहीं बल्कि आसपास के बड़े लोगों में भी चर्चाओं में रही थी।
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फेसबुक पर बदन सिंह की बदन संधू के नाम से आईडी बनी हुई है। जिसके फोटो देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बद्दो की जिंदगी की लाइफ स्टाइल दूसरे लोगों से कितनी अलग है। कुछ फोटो पहले ऐसे थे जो हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर थे। लेकिन उन्हें कुछ दिन पहले ही आईडी से हटा दिया गया। फाइव स्टार होटल से लेकर धार्मिक स्थल और समुद्र तट तक के फोटो भी हैं।

चर्चित रही पोस्ट
बीती 13 अक्तूबर को बदन संधू ने फेसबुक पर एक चर्चित पोस्ट डाली थी। जिसमें अंदाज ऐसा था कि ‘जब गिला शिकवा अपनों से हो तो खामोशी ही भली, अब हर बात पर जंग हो यह जरूरी तो नहीं’ यह शब्द अपने आप में बताने को काफी हैं। विदेशी असलहे के कई फोटो भी फेसबुक पर हैं।
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अरे बद्दो तुम!
पांच साल पहले बदन सिंह को एक मामले में जब लालकुर्ती थाने में गिरफ्तार करके लाया गया था तो थानेदार से लेकर पुलिस के उच्च अधिकारी भी बद्दो को देखकर हैरत में रह गये थे। शहर के कई नामचीन व्यापारियों और कारोबारियों से नजदीकी रहीं। कारोबारी देर रात तक लालकुर्ती थाने में डेरा डाले रहे थे। अगले दिन कचहरी में पेशी के दौरान भी कारोबारी साथ नजर आये। उस समय बद्दो ने पुलिस के एक उच्च अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाकर जान का खतरा भी जताया था। यह पुलिस अधिकारी बसपा सरकार में प्रदेश में बड़े पद पर रहे चुके हैं।
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बददो की संपत्ति की जांच हो: देवेंद्र

बदन सिंह ‘बद्दो’ का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अधिवक्ता रविंद्र हत्याकांड में बद्दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। रविंद्र के भाई देवेंद्र सिंह का कहना है कि बदन सिंह ने सन 1996 में उसके भाई को सरेआम मार दिया। उस दौरान उसके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हुए थे। आरोप लगाया कि बद्दो की शान शौकत व रुतबा देखकर कई नेता उसे सेल्यूट मारते थे। उसकी संपत्ति की भी जांच होना चाहिए। देवेंद्र का कहना है कि बद्दो को आजीवन कारावास की सजा देकर कोर्ट ने इंसाफ किया है। 

एक हो गए विपक्षी
चर्चा है कि बद्दो के खिलाफ सभी विपक्षी लोग एक हो गए। जान का खतरा बताकर कोर्ट में सुरक्षा की गुहार तक लगा रखी है। सरकारी के साथ प्राइवेट गनर भी उनके साथ रहते है। कई मामलों में पुलिस की पिकेट गवाहों के साथ जाती है।

भाई की हत्या में होगी सजा
2011 में कैंट बोर्ड ऑफिस के पास बसपा नेता व जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की सरेआम हत्या में भी बद्दो के खिलाफ गवाही चल रही है। दीवान ग्रुप के मालिक राजेश दीवान से दो करोड़ की रंगदारी का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। संजय के भाई अजय गुर्जर का कहना है कि अधिवक्ता हत्याकांड में फैसला आने के बाद उन्हें उम्मीद है कि बद्दो को उसके भाई की हत्या में भी सजा होगी। 

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