कक्षा छह की छात्रा को अगवा कर तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दे दिया। यह बच्ची 24 घंटे बाद ईख के खेत में बदहवास हालत में मिली। गुस्साए ग्रामीणों ने बच्ची को लेकर थाने पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। एक आरोपी पहले से बच्ची से छेड़छाड़ करता था। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
मामला कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के एक गांव का है। मंगलवार सुबह बच्ची संदिग्ध हालत में लापता हो गई थी। परिजनों ने शाम तक बच्ची को तलाशा था। उसके न मिलने पर थाने में अपहरण का अंदेशा जताकर रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने बच्ची को तलाश करने का प्रयास तक नहीं किया। बुधवार सुबह पीड़ित परिवार खुद ही बच्ची को ईख के खेतों में तलाश कर रहा था।
खोजबीन के दौरान बच्ची ईख के एक खेत में बदहवास हालत में मिल गई। परिजन बच्ची को घर लाकर उससे पूछताछ करने लगे। बच्ची ने बताया कि गांव का रोहित, फोटू और नवाब जबरन उसको उठाकर ले गए थे। ईख के खेत में तीनों युवकों ने उसके साथ गलत काम किया। बच्ची की आपबीती सुनकर परिजनों के पैर तले जमीन खिसक गई। धीरे-धीरे मामला गांव में आग की तरफ फैल गया।
ग्रामीणों की लगने लगी भीड़
बदहवास हालत में 24 घंटे बाद बच्ची के बरामद होने की जानकारी लगते ही पीड़ित परिवार के घर पर ग्रामीणों की भीड़ लगने लगी। वारदात का पता चला तो ग्रामीणों में रोष फैल गया। काफी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार को समझा बुझाकर बच्ची को लेकर थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने कंकरखेड़ा पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया और आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग करने लगे। सूचना पर थाने पहुंचे सीओ दौराला बीएस वीर कुमार ने तुरंत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। तब जाकर मामला शांत हुआ।
बच्ची का मेडिकल परीक्षण हुआ
पुलिस के मुताबिक बच्ची के मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस ने प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद बच्ची परिजनों के सुपुर्द कर दी। पुलिस ने बताया कि दबिश के दौरान तीनों आरोपी अपने घरों से फरार मिले हैं। एसओ कंकरखेड़ा यादराम यादव ने बताया कि तीनों आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेंगे।
पुलिस की लापरवाही हुई उजागर
पीड़ित परिवार ने मंगलवार शाम को कंकरखेड़ा थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया और ना ही बच्ची को तलाशने का प्रयास किया। आधी रात को पीड़ित परिवार ने थाने में पहुंचकर नाराजगी जताई, तब पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया। पुलिस ने अपहरण की आशंका की बात को तहरीर से हटा दिया और गुमशुदगी में दर्ज किया। इसको लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।
आरोपियों से पहले से चल रहा था विवाद
पुलिस के मुताबिक परिजनों ने बताया कि करीब 13 साल की बच्ची कक्षा छह की छात्रा है। एक युवक ने कुछ दिन पहले बच्ची से स्कूल से जाते समय छेड़छाड़ कर दी थी। इसको लेकर पीड़ित परिवार और आरोपी के परिवार में झगड़ा भी हुआ था। मामले में तहरीर भी दी गई थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। पुलिस के कार्रवाई न करने से आरोपियों का दुस्साहस बढ़ गया। जिसके चलते अब उन्होंने बच्ची के साथ ऐसी घिनौनी हरकत की।