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बावरिया गैंग की कमर तोड़ेगी यूपी पुलिस

Wed, 10 Aug 2016 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर गैंगरेप कांड में बावरिया गैंग का सरगना और उसके साथियों को दबोचने के बाद यह गैंग यूपी पुलिस के रडार पर आ गया है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश भर की पुलिस को बावरिया गिरोह की कमर तोड़ने के आदेश दिए हैं। कहा है कि जिस जिले में भी बावरिया गैंग ने वारदात की हो, उसकी कुंडली खंगालते हुए हर केस अपडेट किया जाए।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बावरिया गैंग के सदस्य देश भर में कहर ढा चुके हैं। जिले के लोकल बदमाशों से सटीक रैकी कराकर वारदात करने वाले इस गैंग की मार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बंगलूरू, आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों में है। मेरठ जोन का शामली जिला इनका गढ़ माना जाता है। थोड़ी सी रकम के लिए भी ये कुख्यात खूनखराबा करने से पीछे नहीं हटते।
29 जुलाई को बुलंदशहर हाईवे पर मां-बेटी से दरिंदगी के बाद सुर्खियों में आए इस गैंग के सरगना और मुख्य आरोपी सलीम बावरिया और उसके दो साथियों को सोमवार रात मेरठ से धरा गया था। जिसके साथ इस केस का खुलासा तो हो गया। लेकिन इन नौ दिनों में यूपी पुलिस की जो फजीहत हुई है, उसे आला पुलिस अफसर दोहराना नहीं चाहते। जिसके चलते ही पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश भर के बावरिया गिरोह की कुंडली खंगालने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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यहां बसे हैं 15 से ज्यादा गांव
वेस्ट यूपी मेें ही कई बावरिया गिरोह सक्रिय हैं। जोन का शामली जिला तो बावरियो का गढ़ है। इस जिले के झिंझाना क्षेत्र में बावरियो के 15 से ज्यादा गांव बसे हैं। यहां के बावरिया गिरोह ने आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा में कई वारदातें कीं। चेन स्नैचिंग और लूट से लेकर सराफा व्यापारियों के यहां डकैती डालकर यह बदमाश वापस अपने गांव आ जाते हैं। लूट का माल अपने यहां के लोकल सराफ को बेच देते हैं। कुछ महीने रहकर फिर से वारदात करने निकल जाते हैं। पिछले साल बावरिया गिरोह की तलाश में कई दिनों तक आंध्र प्रदेश पुलिस शामली जिले में डेरा डाले रही थी। कई सराफा व्यापारियों से पूछताछ की थी। इनके गांवों में कच्ची शराब बनाने का काम भी धड़ल्ले से चलता है।

बागपत में हुआ था नरसंहार
डेढ़ दशक पूर्व बावरिया गिरोह ने बागपत शहर को टारगेट किया था। शहर के बाहरी इलाकों के कई घरों में रात को घुसकर लूट की। एक के बाद एक 13 सामूहिक नरसंहार हुए थे। इस वारदातों की दहशत से बाद बागपत की बाहरी बस्तियों से लोगों ने पलायन तक शुरू कर दिया था। मेरठ जिले के मवाना और परीक्षितगढ़ इलाकों के खादर में भी बावरिया बस्तियां है। इन लोकल गिरोह के संपर्क में झारखंड, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक तक हैं। सलीम गैंग राजस्थान के हनुमान गढ़ में सराफ के यहां डकैैती डाल चुका है।
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