जिला प्रशासन ने दो दिन से हो रही बारिश से नुकसान की शासन को रिपोर्ट भेजी है। जिसमें बारिश के कारण जिले में चार लोगों की मृत्यु होने, छह लोगों के घायल होने के साथ ही आठ भवन क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट भेजी है। इन सभी को प्राकृतिक आपदा कोष से आर्थिक सहायता की संस्तुति भी की गयी है।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बताया कि बारिश को देखते हुए जनपद में अलर्ट जारी किया गया है। नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, विकास खंड स्तर के अधिकारियों के साथ ही तहसीलों के अधिकारी और कर्मचारी लगातार पूरी स्थिति पर नजर रखे हैं। ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके। दो दिन में बारिश के दौरान जो भी जान माल की हानि हुई है, उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
शहरवासियों से ज्यादा अपने आवास की चिंता
मेरठ। शुक्रवार की बारिश ने अधिकारियों को भी हिला दिया। एडीएम कंपाउंड में भी बारिश का पानी भर गया। हाल ये हुआ कि अधिकारियाें के आवास के कमरों में जब पानी घुसा तो वह परेशान हो उठे। तत्काल अधिकारियों ने नगर आयुक्त को फोन घनघनाने शुरू कर दिये और आनन फानन में अमला एडीएम कंपाउंड पहुंचा और एडीएम वित्त एवं राजस्व के आवास से मोटर लगाकर पानी निकाला।
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम हुए चोक
मेरठ। अधिकांश सरकारी दफ्तरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है। लेकिन सही देखरेख के अभाव में सभी चोक पड़े हैं। यदि समय रहते इनकी देखरेख की गयी होती तो शुक्रवार की बारिश में सरकारी दफ्तरों में पानी नहीं भरता। बारिश के कारण हाल ये रहा कि मंडलायुक्त कार्यालय, कलक्ट्रेट, विकास भवन परिसर और कचहरी आदि तमाम सरकारी कार्यालयों के परिसर में भारी जलभराव हो गया।