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आधा दर्जन बिंदुुओं पर लाभार्थियों को परखेगा ‘आयुष्मान’, देखें क्या होंगी शर्तें

Tue, 05 Feb 2019 10:54 AM IST
Dimple Sirohi अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ
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आयुष्मान भारत - फोटो : अमर उजाला
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आयुष्मान भारत के तहत जन आरोग्य योजना का पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य कवर सिर्फ गरीब लोगों को मिलेगा। अगर इसमें ऐसे लोग शामिल हो गए हैं, जो अब गरीबी रेखा के नीचे नहीं हैं तो वह इस लाभ से वंचित हो जाएंगे।

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स्वास्थ्य विभाग करीब आधा दर्जन बिंदुुओं पर आयुष्मान के लाभार्थियों को परखेगा। जो पात्र नहीं हैं, उन्हें चिह्नित कर उनकी सूची शासन को भेजी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का दावा है कि इसमें कई हजार लाभार्थी दायरे के बाहर हो जाएंगे। सभी पात्रता संबंधित सत्यापन इसी वर्ष मार्च तक पूरा करने की हिदायत दी गई है।

वर्ष 2011 की सर्वे सोशियो इकोनामिक कास्ट सेंसस (एसईसीएस) के तहत आयुष्मान योजना का आंकड़ा लिया गया था। इसमें गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को शामिल किया गया था। करीब आठ साल बाद तमाम लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके हैं। उनके पास गाड़ी, बंगला और अच्छा खासा बैंक बैलेंस है, लेकिन ऐसे लोग भी इस योजना के पात्र बन गए हैं। यह लोग करीब 8 साल पहले गरीब थे, कोटे की राशन से इनका घर चलता था।

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हाईवे किनारे की बेशकीमती जमीन में प्रॉपर्टी डीलिंग करके अब अमीर बन गए हैं। बावजूद इसके इनके नाम अभी तक बीपीएल कार्ड से नहीं हटा है। यह अमीर होने के बाद भी कागजी लिखा पढ़ी में अब भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो धोखाधड़ी से फर्जी सर्टिफिकेट या गरीबी के दिनों के अभिलेख लगाकर आयुष्मान योजना के पात्र बन गए हैं।

लाभ लेने जाएंगे तो होगी जांच
तैयारी की जा रही है कि ऐसे लोग अस्पताल में जैसे ही योजना का लाभ लेने के लिए जाएं, उनके थंब स्कैनर पर अंगूठा रखते ही पूरा ब्यौरा आ जाए। इसके बाद उनके आधार से जुड़े सभी बैंक खातों के जरिए आयकर रिटर्न आदि की स्कैनिंग हो सकेगी और ऐसे लोगों का तुरंत रिजेक्शन हो जाएगा। 

कुछ मुख्य बिंदु जिन पर परखे जाएंगे लाभार्थी
अगर परिवार में कार  आदि वाहन हैं।
परिवार का एक भी सदस्य 10 हजार रुपये महीने से ज्यादा कमाता है।
अगर 50 हजार की  रकम वाला किसान  क्रेडिट कार्ड है
घर पर लैंडलाइन फोन की सुविधा है
इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं तो भी बीमा नहीं मिलेगा
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अस्पतालों से सीएमओ को भेजी जाएगी रिपोर्ट
आयुष्मान योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों की पड़ताल के बाद उन्हें उपचार मुहैया कराया जा रहा है। गरीब से अमीर बन चुके लोगों को इसका लाभ न मिले, इसके लिए ऐसे मरीजों के अस्पताल पहुंचने पर उसकी जानकारी सीएमओ को भेजी जाएगी।

मेरठ में दो लाख 11 हजार 416 परिवार हैं लाभार्थी
मेरठ में ऐसे दो लाख 11 हजार 416 परिवार हैं, जो आयुष्मान भारत के तहत जन आरोग्य योजना में शामिल हैं। इनमें 89 हजार 109 परिवार देहात और एक लाख 22 हजार 307 परिवार शहरी क्षेत्र के हैं। इसमें पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा, 1352 तरह की जांच और सर्जरी आदि शामिल हैं।

प्रक्रिया कर दी   गई है शुरू
यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी जिनके खिलाफ अस्पताल प्रबंधन या किसी व्यक्ति द्वारा शिकायत की जा रही है। उसकी जांच कराई जा रही है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो सूचना शासन को भेजी जा रही है, जिससे ऐसे व्यक्ति का नाम आयुष्मान भारत योजना से हटा दिया जाए, क्योंकि ऐसे व्यक्ति इस योजना की पात्रता की श्रेणी में फिट नहीं बैठते हैं। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से भी चिह्नीकरण करेगा।                 - डॉ. राजकुमार, मुख्य   चिकित्सा अधिकारी
 
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