कैंट बोर्ड बैठक की तपिश अब नजर आने लगी है। शनिवार को कैंट बोर्ड अध्यक्ष ने छावनी का निरीक्षण किया। जीओसी ने कई जगह अतिक्रमण ध्वस्त कराया। अतिक्रमण और अवैध निर्माण की रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए गए। रिपोर्ट के आधार पर ही मंगलवार से अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
छावनी क्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण हो रहा है। शुक्रवार को बोर्ड बैठक में 15 स्थानों के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने पर मोहर लगी थी। बैठक में पार्षदों की बंगला नंबर 210बी पर कार्रवाई नहीं करने की मांग को नकार दिया था। उधर, प्रधान निदेशक और सेंट्रल कमांड इन जीओसी के भी सौ से ज्यादा अवैध निर्माण की अपील खारिज कर उन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल के. मनमीत सिंह ने सीईओ राजीव श्रीवास्तव के साथ अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ निरीक्षण कर सख्त कदम उठाने के संकेत दिए है। उन्होंने शनिवार को सीईओ के साथ पांच बंगलों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक बंगले में बनाई दीवार को ध्वस्त करा दिया गया। उन्होंने बंगलों पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ मंगलवार से अभियान चलाकर रक्षा मंत्रालय की भूमि को खाली करने के निर्देश दिए। वहीं डीईओ से सभी बंगलों की रिपोर्ट लेकर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए।
इन बंगलों का किया निरीक्षण
शनिवार को बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल के. मनमीत सिंह टीम के साथ सबसे पहले वेस्ट एंड रोड स्थित बंगला नंबर 209 पहुंचे। जहां उन्होंने अतिक्रमण को खाली कराने के निर्देश दिए। बंगला नंबर 205, 193 में भी व्यवस्था देखी गई। बाउंड्री रोड स्थित बंगला नंबर 73 में अवैध निर्माण कर दीवार बनाई गई थी।
बोर्ड अध्यक्ष ने दीवार को ध्वस्त करा दिया। बंगले में बने बेसमेंट की जांच के आदेश भी अध्यक्ष ने दिए। बंगला नंबर 78 से भी अतिक्रमण हटवाया। सीईओ को सख्त निर्देश दिए कि अतिक्रमण को तुरंत हटाकर रक्षा मंत्रालय की जमीन को मुक्त कराया जाए। सीईई अनुज सिंह, कर्नल एके वैद, कर्नल देवगन, सफाई अधीक्षक विनय त्यागी, योगेश यादव आदि रहे।