210 बी आरआर मॉल ध्वस्तीकरण के बाद कैंट बोर्ड 45 दिन सुस्त क्या पड़ा, छावनी में अवैध निर्माणों की बाढ़ आ गई। बोर्ड ने जब ऐसे अवैध निर्माणों और कब्जों की वीडियोग्राफी कराते हुए सूची बनाई तो यह 200 के पार हो गई। अब सीईओ ने कार्रवाई के लिए एसएसपी से फोर्स मांगी है।
नौ जुलाई 2016 को बंगला नंबर 210 बी आरआर मॉल में ध्वस्तीकरण के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी। कैंट बोर्ड के अधिकारी और इंजीनियर के खिलाफ मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई। सीईई अनुज सिंह को पुलिस ने जेल भेज दिया। इस प्रकरण के बाद बोर्ड की निगरानी और कार्रवाई सुस्त हो गई। इसका फायदा क्षेत्र के लोगों ने उठाया। कैंट बोर्ड की टीम द्वारा कराई गई विडियोग्राफी के मुताबिक 200 से अधिक अवैध निर्माण और अवैध कब्जे के केस सामने आए हैं। बोर्ड ने पिछले दिनों 113 अवैध निर्माण करने वालों की सूची प्रकाशित की थी। इसके बाद भी अवैध निर्माण नहीं रुके और यह संख्या 200 के पार पहुंच गई है। कार्रवाई के लिए सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने एसएसपी को पत्र लिखकर जरूरी पुलिस फोर्स की मांग की है।
चारों तरफ अवैध निर्माण
कैंट इलाके में जितने अवैध निर्माण एक साल में नहीं हुए, उतने पिछले डेढ़ माह में हुए हैं। सदर बाजार थाना क्षेत्र और लालकुर्ती थाना क्षेत्र में खूब अवैध निर्माण हुआ है। हाल में हुए अवैध निर्माण में बोर्ड ने अभी तक अपने दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। सीएबी इंटर कॉलेज के शिक्षक और बाबू ने गाड़ी खड़ी करने के लिए गैराज बना लिया था। सीईओ ने दोनों को सस्पेंड कर दिया।
यह भी एक कारण
सूत्रों के अनुसार मॉल ध्वस्तीकरण में चार लोगों की मौत के बाद हुए घटनाक्रम में कुछ लोगों की सोच रही कि कैंट बोर्ड के अफसर अब दबाव में आ गए हैं। जल्दी से वे किसी अवैध निर्माण की जांच कराने या उसे ध्वस्त करने की पहल नहीं करेंगे। इसलिए ऐसे लोगों ने धड़ाधड़ अवैध निर्माण करने शुरू कर दिए। अब जब कैंट बोर्ड ने ऐसे अवैध निर्माणों को सूचीबद्ध करते हुए बुलडोजर चलाने की तैयारी कर ली है तो इससे हड़कंप मचना शुरू हो गया है।
कैंट बोर्ड की हर प्रॉपर्टी का डिजिटल प्रोफाइल
कैंट बोर्ड अपनी हर प्रॉपर्टी की डिजिटल प्रोफाइल बनाने जा रहा है। एक क्लिक पर प्रॉपर्टी से जुड़ी तमाम जानकारी उपलब्ध होगी। ऑनलाइन प्रणाली के तहत बोर्ड इसकी तैयारी कर रहा है। इससे काम में जहां तेजी आएगी, वहीं प्रॉपर्टी से जुड़ी देनदारी और पेचीदगी का पता तुरंत चल जाएगा।
कैंट बोर्ड सीईओ राजीव श्रीवास्तव के मुताबिक बोर्ड की वर्किंग ऑनलाइन होने जा रही है। तकनीक और तेजी से काम करने के लिए कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। कैंट इलाके की प्रॉपर्टी का डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। एक क्लिक पर प्रॉपर्टी से जुड़ी तमाम जानकारी सामने होगी। जैसे प्रॉपर्टी किस के नाम है, कब नक्शा पास हुआ, हाउस टैक्स, जल कर आदि की जानकारी एक ही जगह पर होगी। काम पूरा करने और शिकायत दूर करने में इससे बोर्ड को मदद मिलेगी।
इसके अनुसार अगर कोई क्षेत्रवासी अपने घर के बाहर कूड़े की भी शिकायत करता है तो वह डिजिटल प्रोफाइल में दर्ज होगी। कब, क्या शिकायत की गई और उसका समाधान हुआ या नहीं, यह सब दर्ज होगा। प्रॉपर्टी प्रोफाइल में हर प्रॉपर्टी को एक आईडी दी जा रही है। अभी तक कैंट में प्रॉपर्टी का सर्वे नंबर होता है। डिजिटल प्रोफाइल में अलग से पहचान दी गई है। प्रॉपर्टी पर अवैध निर्माण या देनदारी बाकी है तो यह भी रिकॉर्ड में रहेगा। सीईओ का कहना है कैंट की सुविधाओं के लिए जल्द ही ऑनलाइन सिस्टम शुरू कर दिया जाएगा। एक महीने के अंदर वह शुरू करने की बात कह रहे हैं। हाउस टैक्स, जल कर, नक्शा आदि कामों के लिए ऑनलाइन ही आवेदन किया जा सकेगा। बोर्ड ऑफिस आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।