मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के मेरठ साउथ रैपिड रेल स्टेशन पर शुक्रवार को ऑटो चालकों की गुंडागर्दी देखने को मिली। सवारी बिठाने के मामूली विवाद में 6 से अधिक ऑटो चालकों ने रोडवेज की इलेक्ट्रिक बस के परिचालक (कंडक्टर) के साथ बेरहमी से मारपीट की और नकदी लूट ली। इस दुस्साहस के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया जिससे दिल्ली रोड पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
जानकारी के मुताबिक मवाना निवासी रामकुमार रोडवेज की इलेक्ट्रिक बस में परिचालक के पद पर तैनात हैं। शुक्रवार को जब वह मेरठ साउथ स्टेशन के नीचे बस रोककर बेगमपुल जाने वाली सवारियों को बस में चढ़ा रहे थे तभी भूड़बराल गांव के कुछ दबंग ऑटो चालक वहां पहुंचे। इन चालकों ने बस को तुरंत वहां से हटाने की धमकी दी। जब रामकुमार ने नियम अनुसार सवारी बिठाने की बात कही तो ऑटो चालक भड़क गए।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने परिचालक रामकुमार को बस से नीचे घसीट लिया और लात-घूसों से उसकी पिटाई शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसकी जेब में रखी 2000 की नकदी भी लूट ली। जब बस चालक विनोद ने अपने साथी को बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसके साथ भी जमकर मारपीट की। शोर मचने पर जब भीड़ जुटने लगी तब आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
गुस्साए कर्मचारियों ने किया चक्का जाम, थमी बसों की रफ्तार
इस घटना की खबर फैलते ही रोडवेज कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। विरोध स्वरूप बस चालकों ने मेरठ साउथ स्टेशन पर ही कई रूटों की इलेक्ट्रिक बसें आड़ी-तिरछी खड़ी कर दीं। इस चक्का जाम के कारण दिल्ली रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई। घंटों तक बसों का संचालन ठप रहने से आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अवैध ऑटो माफिया का आतंक
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मेरठ साउथ स्टेशन के नीचे कुछ असामाजिक तत्वों ने अवैध टेंपो एसोसिएशन बनाकर पार्किंग पर जबरन कब्जा कर रखा है। यहां एक तरह का ऑटो माफिया सक्रिय है जो न केवल रोडवेज बसों को रोकता है बल्कि विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज पर उतारू हो जाता है। ऐसी घटनाएं यहां पहले भी हो चुकी हैं लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण इनके हौसले बुलंद हैं।
3 ऑटो सीज, प्राथमिकी दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोडवेज डिपो के एआरएम दुष्यंत कुमार परतापुर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और इस अवैध स्टैंड को जड़ से खत्म नहीं किया जाता तब तक बसों का संचालन सुचारू नहीं होगा।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अब तक तीन ऑटो को सीज किया जा चुका है और आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। - सौम्या अस्थाना, सीओ ब्रह्मपुरी