ओडियन नाले की सफाई के लिए सोमवार सुबह ही नगर निगम की फौज पहुंच गई। पोर्कलेन मशीन के साथ सात कूड़ा गाड़ी लगाई गईं। दिनभर सफाई के बाद भी नाला पूरी तरह साफ नहीं हो सका। इसके अलावा नगर निगम ने कोटला नाले की भी सफाई कराई।
शहर के गंदे पानी को काली नदी तक पहुंचाने के लिए यह मुख्य नाला है। हालांकि आबू नाला प्रथम और द्वितीय भी मुख्य नालों में शामिल हैं। आबू नालों के माध्यम से शहर से ही नहीं बल्कि छावनी क्षेत्र का गंदा पानी भी आता है। नगर निगम तीनों ही नालों की लगातार सफाई का दावा कर रहा है। लेकिन नालों में भरी सिल्ट निगम के दावों की पोल खोल रही है। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में हापुड़ रोड स्थित पुराना कमेला के पास ओडियन नाले का फोटो सहित समाचार प्रकाशित करके सच्चाई उजागर की थी। नाले में भरी सिल्ट पर कुछ बच्चे पॉलीथिन बीनते मिले थे। इसके बाद सोमवार सुबह ही नगर निगम मौके पर सफाई कराने पहुंच गया।
50-60 ट्रॉली निकाली गई सिल्ट
पुराने कमेले के सामने ओडियन नाले पर पोर्कलेन मशीन से एक ही दिन में 50-60 ट्रॉली सिल्ट निकाली गई। लगातार कई घंटे तक मशीनें चलीं। नाले में भरी सिल्ट को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि लगातार दो-तीन दिन तक मशीनें चलने के बाद ही नाला पूरी तरह साफ हो पाएगा। इसके अलावा कोटला नाले पर भी निगम की मशीनें चलाई गईं।