सिलेंडर में गैस कम मिलने की आम शिकायतों के बाद अब नया खुलासा हुआ है। गैस की कालाबाजारी से जुड़े लोगों ने सिलेंडर के घेरे पर दर्ज खाली गैस सिलेंडर के वजन को ही बदल दिया है। जिससे ग्राहक को एक से डेढ़ किलो गैस का फटका लग रहा है। मंगलवार को शिकायत के बाद अमर उजाला ने लाला का बाजार, शीश महल क्षेत्र में इंडेन के सिलेंडरों को देखा तो गोलमाल का खुलासा हुआ।
इन्हें सरकारी संरक्षण
इस गोरखधंधे में बाट माप विभाग का संरक्षण भी बताया जाता है। शिकायतों के बाद भी जिला पूर्ति विभाग, बाट माप तोल विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों के सेल्स ऑफिसर कोई कार्रवाई नहीं करते।
हॉकर नहीं रखते मशीन
हॉकरों के पास सप्लाई करते समय सिलेंडर का वजन करने की मशीन होनी चाहिए। लेकिन न तो हॉकर वर्दी में होते हैं और न उनके पास मशीन होती है। इससे कहीं न कहीं गैस कंपनियों के सेल्स ऑफिसरों का भी संरक्षण प्राप्त है।
जागरूक हो जाएं
- सिलेंडर लेते समय सिलेंडर के घेरे पर गुदे सिलेंडर के खाली और गैस के वजन की जांच करें
- अगर सिलेंडर के घेरे पर गुदे वजन को पेंट आदि से बदला गया है तो फर्जीवाड़ा संभव है
- हॉकर से सिलेंडर लेते समय अपने सामने जरूर तुलवाएं
- सिलेंडर पर लगी सील की भी जांच करें
- कम गैस और घेरे पर गुदे वजन में परिवर्तन मिलने पर संबंधित गैस एजेंसी और सेल्स ऑफिसर के मोबाइल नंबर पर शिकायत करें
सिलेंडर में 14.200 किलो होती है गैस
सिलेंडर किसी भी कंपनी का हो, सभी में 14.200 किग्रा. गैस होना अनिवार्य है। अगर गैस सिलेंडर के खाली 16.1 या 15.1 किग्रा. वजन और गैस के वजन को जोड़कर योग में अंतर आता है, तो समझ लेना चाहिए कि गैस चोरी की गई है। सिलेंडर पर खाली वजन, गैस वजन और दोनों का कुल योग भी लिखा होता है।
जांच कराएंगे
हम समय-समय पर अभियान चलाते हैं। ऐसा मामला संज्ञान में नहीं आया है। अगर ऐसा है तो जांच करके कार्रवाई होगी। देहात में भी अभियान चलाएंगे। -अनिल टंडन, सीनियर इंस्पेक्टर बाट माप विभाग
यह सीधे अपराध
अगर इस तरह गैस की चोरी की जा रही है, तो सीधे-सीधे अपराध है। इसको हम दिखवाते हैं। जिस गैस एजेंसी के ऐसे सिलेंडर पाए जाते हैं, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। -राजेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी