स्थानीय पुलिस को न बताना पड़ा महंगा
यह पहला वाक्या नहीं है जब क्राइम ब्रांच की टीम से धक्का मुक्की कर आरोपी को छुड़ाया गया हो। इसी साल राजस्थान, सिलीगुड़ी, यूपी के कई थानों की पुलिस के साथ धक्का मुक्की हो चुकी है। क्राइम ब्रांच की टीम को छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी है। आरोपियों ने सीधे पुलिस पर जमकर फायरिंग तक की है।
सख्त कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद
किठौर में सभी पार्टी के कद्दावर नेता रहे है। खास बात यह है की आरोपी सरकार बदलते ही पाला बदल लेते हैं। इसके बाद जमकर घटनाओं को अंजाम देते है। दबिश के दौरान अपने आकाओं की सिफारिश आराम से छूट जाते हैं। इसलिए पुलिस भी कुछ नहीं कर पाती।
अन्य राज्यों में देते हैं घटना को अंजाम
पुलिस सूत्रों के अनुसार किठौर और आसपास के क्षेत्र के बदमाश अन्य राज्यों में घटनाओं को अंजाम देकर यहां आ जाते हैं। पुलिस इन्हें मोबाइल लोकेशन और अन्य तरीके से पीछा करते हुए यहां आ जाती है, लेकिन थाने में आते-आते सूचना लीक हो जाती है। इससे आरोपी समय रहते फरार हो जाता है। यदि टीम पकड़ भी लेती है तो उसे छुड़ा लिया जाता है।
स्थानीय पुलिस पर भी हो चुका है हमला
आरोपियों के हौसले इतने बुलंद है कि वे स्थानीय पुलिस के छापा मारने पर हमला तक कर देते हैं। कई बार शराब माफियाओं सहित अन्य वांछित ऐसी घटनाएं कर चुके हैं। इसके बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।