- आरएसओ ने किया उद्घाटन, 8.6 करोड़ की लागत से हुआ था तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में बना आठ लेन और 400 मीटर लंबा सिंथेटिक ट्रैक अब खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए खोल दिया गया है। खेल निदेशालय के निर्देश के बाद क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव ने सिंथेटिक ट्रैक का उद्घाटन किया।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रैक के शुरू होने से जिले के एथलीटों को अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए बेहतर मंच मिल सकेगा। निर्माण कार्य पूरा होने और गुणवत्ता जांच सफल रहने के बाद मंगलवार को इसका शुभारंभ किया गया।
स्टेडियम में बने इस ट्रैक का निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से कराया गया है। सरकारी योजना के तहत 8.6 करोड़ की लागत की इस परियोजना को वर्ष 2024 के अंत तक पूरा किया जाना था लेकिन निर्माण कार्य में काफी देरी हुई। फरवरी-मार्च 2026 तक ट्रैक पूरी तरह तैयार हुआ। इसके बाद अप्रैल और मई में आईआईटी कानपुर तथा जिला स्तरीय समिति ने निरीक्षण और गुणवत्ता का परीक्षण किया था।
निरीक्षण रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद अब खेल निदेशालय के निर्देश पर ट्रैक को शुरू कराया गया है। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि अब मेरठ के धावकों और एथलीटों को अभ्यास के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद मिलेगी।
ट्रैक के शुरू होने से यह मिलेगा लाभ
सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ने से खिलाड़ियों की स्पीड और तकनीक में सुधार होता है। घुटनों और पैरों पर दबाव कम पड़ता है जिससे चोट लगने की संभावना घटती है। बारिश या गर्मी में भी ट्रैक अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में बना रहता है। इससे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अनुरूप अभ्यास का अवसर मिलेगा। मेरठ के खिलाड़ियों को अब आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।
रखरखाव भी होगा जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार सिंथेटिक ट्रैक की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है। ट्रैक पर स्पाइक्स के अलावा अन्य जूतों के उपयोग, बाइक या भारी सामान ले जाने पर रोक लगानी होगी। समय-समय पर सफाई, जल निकासी व्यवस्था और सतह की जांच भी आवश्यक होगी। यदि रखरखाव में लापरवाही बरती गई तो ट्रैक की सतह जल्दी खराब हो सकती है। यदि ट्रैक का सही तरीके से रखरखाव किया गया तो आने वाले वर्षों में मेरठ राष्ट्रीय स्तर के कई एथलीट तैयार कर सकता है।