तीन तलाक मामले में कोर्ट जाने वाली आतिया के पति और ससुर गिरफ्तार
Tue, 21 Mar 2017 09:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
सार
सुप्रीम कोर्ट में लड़ रही है तीन तलाक के खिलाफ केस, तीन तलाक से पहले दहेज उत्पीड़न का है आरोप, पुलिस ने गिरफ्तार कोर्ट में किया पेश, कोर्ट ने दोनों को जेल भेजा
तीन तलाक की लड़ाई लड़ रही आतिया साबरी द्वारा लगाए गए हत्या के प्रयास एवं दहेज उत्पीड़न के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सोमवार की शाम को आतिया के पति एवं ससुर को उत्तराखंड के लक्सर जिले के गांव ग्राम जसोदर से गिरफ्तार कर लिया और मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। आरोपियों की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। लेकिन कोर्ट ने जमानत खारिज कर आरोपियों को जेल भेज दिया।
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मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आली, तेली वाला चौक निवासी आतिया साबरी ने अपने पति वाजिद अली, ससुर सईद अहमद और सास महराज निवासी ग्राम जसोदर, लक्सर हरिद्वार पर लड़की पैदा होने पर प्रताड़ित करने, जहर देकर जान से मारने का प्रयास करने, दहेज के लिए मारपीट कर घर से निकालने तथा एक कागज पर तीन तलाक लिखकर भेजकर तलाक देने का आरोप लगाया था। इस मामले में उसने महिला थाना में तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला थाना ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगाकर कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने आरोपियों को एक फरवरी को पेश होने के आदेश दिए। लेकिन एक फरवरी को पेश न होने पर 2 मार्च को गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
कोर्ट के आदेश पर लक्सर थाना पुलिस ने सोमवार को आतिया के पति वाजिद अली और ससुर सईद अहमद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि सास फरार होने में सफल हो गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार को सहारनपुर की अपर मुख्य न्यायाधीश की अदालत में पेश किया। इस दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने दोनों की जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। जज ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया और दोनों को जेल भेजने के आदेश दे दिए।
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तीन तलाक के मामले आतिया पहुंची थी सुप्रीम कोर्ट
आतिया साबरी
आतिया तीन तलाक के विरोध में सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। उसका आरोप था कि उसके पति ने उसकी बिना जानकारी के एक कागज पर तीन तलाक लिखकर भेज दिया। उसके पति ने देवबंद दारुल उलूम की फतवा कमेटी को आधी अधूरी जानकारी देकर फतवा जारी करा लिया। देवबंद दारुल उलूम ने भी उससे पूछे बगैर और मामले की पूरी तहकीकात किए गए बगैर तलाक दिए जाने का फतवा जारी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में आतिया ने फतवा को लेकर देवबंद की कमेटी को भी प्रतिवादी बनाया था। इसके अलावा आतिया ने ससुरालियों, कानून एवं न्याय मंत्रालय, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय, बाल कल्याण एवं महिला विकास मंत्रालय को भी प्रतिवादी बनाया था। इस मामले में 30 मार्च को सुनवाई की तारीख तय की गई है।
शरीयत के खिलाफ नहीं, महिलाओं के लिए व्यवस्था में सुधार चाहिए
आतिया के पति को कोर्ट ले जाते
तीन तलाक के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाने वाली आतिया साबरी कहतीं हैं कि तीन तलाक की व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न तो वह शरीयत के खिलाफ हैं और न ही देवबंद के फतवों से उन्हें परहेज है। लेकिन महिलाओं के लिए वह व्यवस्था में सुधार चाहतीं हैं। किसी भी व्यक्ति को जरा सी बात पर तीन तलाक देकर किसी की जिंदगी बर्बाद करने का क्या अधिकार है। उससे कम से कम मामले की पूरी जानकारी करनी चाहिए। महिला से पूछा जाना चाहिए कि क्या वह भी तलाक चाहती है या नहीं। तलाक के बाद महिला कहां जाए, कौन करेगा अचानक तलाक मिलने वाली महिला और उसके बच्चों की परवरिश। वह सिर्फ अपने लिए ही नहीं समाज की महिलाओं के न्याय की बात कर रही है।