- कुशावली गांव के चार श्रद्धालुओं की मौत का मामला, मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख और घायलों को 10-10 लाख देने की मांग
- अतुल प्रधान ने एक-एक लाख रुपये की मदद का दिया भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में सड़क हादसे में कुशावली गांव के चार श्रद्धालुओं की मौत के बाद मुआवजे की मांग के लिए सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने घायल युवकों को साथ लेकर चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर अटेरना गंगनहर पुल के पास जाम लगाकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख और घायलों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
आधे घंटे में अधिकारी नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने एनएच-58 भी जाम करने की चेतावनी दी। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम उदित नारायण सेंगर और सीओ आशुतोष कुमार से वार्ता के मुद्दे पर ग्रामीणों की नोकझोंक हो गई। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए छह घंटे बाद धरना समाप्त करा दिया। इस दौरान चार युवकों को हिरासत में लिया गया और एक ट्रैक्टर सीज कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना था कि हादसे में चार लोगों की मौत से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मृतकों में परिवार का पालन-पोषण करने वाले सदस्य भी शामिल थे। ऐसे में पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। धरने के दौरान कांवड़ पटरी मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। ग्रामीणों का आरोप था कि उनकी मांग के बावजूद काफी देर तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
बाद में एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को पुलिस चौकी पर चलकर वार्ता करने के लिए कहा, लेकिन कुछ ग्रामीण सड़क पर बैठकर ही बातचीत करने की मांग पर अड़े रहे। इसी बात पर एसडीएम और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद पुलिस ने धरनारत लोगों को सड़क से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान चार युवकों को हिरासत में लिया गया और एक ट्रैक्टर सीज किया गया।
विधायक ने दिया मदद का भरोसा
धरनास्थल पर पहुंचे सपा विधायक अतुल प्रधान ने ग्रामीणों से मुलाकात कर पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही। उन्होंने पार्टी हाईकमान से भी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही हादसे में घायल युवकों के उपचार में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
ज्योत लेने गए थे, घर पहुंचीं चार अर्थियां
कुशावली निवासी अमन पुत्र चंदन, पंकज पुत्र ओमप्रकाश, बिल्लू उर्फ रमेश पुत्र सूरज बली और सागर सोम पुत्र राजेंद्र 7 अक्तूबर को मां शाकंभरी देवी की ज्योत लेने गए थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली से लौटते समय शुक्रवार रात देवबंद क्षेत्र में हुए हादसे में चारों की मौत हो गई थी। गांव के कई अन्य लोग घायल हुए थे। शनिवार को चारों का अंतिम संस्कार किया गया। करीब 45 वर्षीय पंकज मजदूरी करके परिवार चलाते थे। 26 वर्षीय अमन कैपरी फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। 24 वर्षीय सागर सहारनपुर की एक कंपनी में कार्यरत था, जबकि करीब 55 वर्षीय बिल्लू उर्फ रमेश खेतीबाड़ी करते थे। चार मौतों के बाद से गांव में शोक है। ग्रामीण पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
सरधना। देवबंद क्षेत्र में सड़क हादसे में कुशावली गांव के चार श्रद्धालुओं की मौत के बाद पीड़ित प