आरोपी को हिरासत में लिया
- फोटो : अमर उजाला
कनिष्ठ लेखा अधिकारी रामपाल भास्कर का 2019 में रिटायरमेंट है। नौचंदी थाने में आरोपी ने हाथ जोड़कर अधिकारियों से माफी मांगते हुए कहा कि वह निर्दोष है, नौशाद ने उसे जबरन पैसे थमा दिए। वह कुछ समझ पाता उससे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी परिषद की छवि हुई थी धूमिल
दो साल पहले भी आवास विकास परिषद के एक लिपिक फूल सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने दस हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। दो माह पहले एंटी करप्शन टीम ने नर्सिंगहोम के पंजीकरण के नाम पर डिप्टी सीएमओ को ढाई लाख रुपये लेते गिरफ्तार किया था। बुढ़ानागेट चौकी पर तैनात महिला दरोगा को आठ माह पहले बीस हजार रुपये के साथ दबोचा गया था। पीवीवीएनएल के दो लिपिक भी रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गये थे।
संपत्ति की जांच कराने की मांग
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने आवास विकास परिषद के आयुक्त एवं शासन को शिकायती पत्र भेजकर रामपाल भास्कर की संपत्ति की जांच कराने की मांग की है। आरोप है कि संपत्ति विभाग में तैनाती के दौरान रामपाल पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं। उसकी 16 साल से इसी विभाग में मेरठ में तैनाती है। लग्जरी गाड़ी से आने में भी चर्चाओं में रहे हैं। प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त में भी खेल किया जाता था।
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