बकरीद पर ऊंट की कुर्बानी को लेकर मामला फंस गया है। नायब शहर काजी एवं जमियत उलमा हिंद के जिलाध्यक्ष जैनुर राशिदीन ने अपर मुख्य सचिव रमा रमण को 14 बिंदुओं का ज्ञापन देकर ऊंट की कुर्बानी पूर्व की तरह बेरोकटोक करने देने की मांग की। इस पर रमा रमण ने डीएम-एसएसपी से बात करने का आश्वासन दिया, लेकिन एसएसपी अजय साहनी ने साफ कह दिया कि किसी भी कीमत पर ऊंट की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी।
एसएसपी ने सभी थानेदार व सीओ को निर्देश दिए थे कि बकरीद पर किसी ने भी ऊंट का कटान किया, तो सीधे जेल भेजा जाए। शुक्रवार को जैनुर राशिदीन ने अपर मुख्य सचिव उप्र सरकार रमा रमण से मुलाकात की। राशिदीन ने शरीयत का हवाला देते हुए कहा कि ऊंट की कुर्बानी को लेकर एसएसपी का आदेश गलत है, इस आदेश पर रोक लगाई जाए। साथ ही ईदगाह तक आने वाले रास्तों पर लगे फिल्मी पोस्टर हटाने, बकरीद के दिन शराब की दुकानें बंद कराने आदि की मांग की।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इस मामले पर वे डीएम और एसएसपी से बात करेंगे। इस दौरान जमियत उलमा के महामंत्री कारी सलमान कासमी, मो. हनीफ कुरैशी, सैयद अजहर अली, हाजी इमरान सिद्दीकी, मो. अयूब अंसारी, हाजी इरशाद कुरैशी, फारूख अंसारी, मो. साबिर खान, अंजुम निजामी मौजूद रहे।
यह बोले एसएसपी
एसएसपी अजय साहनी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये नायब शहर काजी की मांग हो सकती है, लेकिन वे कहीं भी ऊंट का कटान नहीं होने देंगे। यदि बकरीद पर कहीं ऊंट को सजाकर भी लाया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हमारे पास एलआईयू की टीम आई थी। उन्होंने कटान संबंधी कोई शासनादेश होने या न होने के बारे में पूछा था। मैंने कहा कि हम सिर्फ पशुओं की जांच करते हैं। नगर निगम और जिला पंचायत के पास ही ऐसा कोई शासनादेश आया होगा, हमें कोई जानकारी नहीं है-
डॉ. एके सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी