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अमर उजाला से शार्दुल की खास बातचीत, कहा- वर्ल्ड चैंपियनिशप में देश के लिए जीतूंगा 'गोल्ड'

Fri, 24 Aug 2018 07:07 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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शार्दुल विहान - फोटो : अमर उजाला
एशियन गेम्स में मेरठ के शूटर शार्दुल ने 150 में से 141 अंक हासिल कर जूनियर वर्ग में रिकार्ड बनाया है। वहीं, डबल ट्रैप शूटर शार्दुल विहान एक अंक से गोल्ड लाने से चूक गया। विहान का स्कोर 73 था, जबकि गोल्ड मेडल जीतने वाले कोरिया के शिन ने 74 स्कोर किया। शुरुआत में शार्दुलका अच्छा निशाना लगा था, लेकिन आखिर में वह चूक गया। शार्दूल विहान शामली के मूल निवासी अर्जुन अवार्डी कोच अनवर सुल्तान के निर्देशन में प्रैक्टिस कर रहा था। शानदार जीत पर अमर उजाला ने शार्दुल से बात की।

आइए जानते हैं उनसे हुई बातचीत के कुछ अंश :-
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अब गोल्ड पर है निशाना

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शार्दुल विहान
एशियन गेम में पहली बार मेडल हासिल किया। सामने वाला खिलाड़ी उम्र और अनुभव में भी ज्यादा था, कैसा महसूस किया ?  
निशाना मेरा गोल्ड पर ही था, लेकिन चूक कैसे हो गई, पता नहीं, मैच काफी लंबा चला, इसका असर दिखाई दिया। सामने वाले खिलाड़ी अनुभवी था, लेकिन मुझे गोल्ड मेडल जीतने का पूरा विश्वास था।

एशियन गेम में तो गोल्ड नहीं मिला, आगे क्या तैयारी है, देश के लिए गोल्ड मेडल कब मिलेगा?  
साउथ कोरिया में 1 सितंबर से वर्ल्ड चैंपियनिशप शुरू हो रही है, अब उस पर ही निशाना है। इसमें गोल्ड मेडल लाकर देश का नाम रोशन करूंगा। 
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गाड़ी में ही होती थी नींद पूरी

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शार्दुल विहान
आपने किस तरह से मेडल के लिए तैयारी की ?  
सुबह चार बजे उठकर रोज दिल्ली जाकर प्रैक्टिस करना बहुत कठिन है, नींद भी ठीक से पूरी नहीं होती थी, गाड़ी में ही सोना पड़ता था। इटली में जो  प्रैक्टिस की है, उसका काफी लाभ मिला।  

प्रदेश सरकार ने जो धनराशि तय की है, वह हरियाणा से कम है, इस बारे में क्या कहना है ?  
प्रदेश सरकार को खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। हरियाणा सरकार खेल के प्रति काफी गंभीर है, इसलिए वहां सुविधाएं और प्रोत्साहन राशि भी ज्यादा है। अब यह तो सरकार का निर्णय है कि वह खिलाड़ियों के लिए क्या घोषणा करे। हम तो देश के लिए खेल रहे हैं।  

इनका रहा आशीर्वाद

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शार्दुल विहान
एशियन गेम में पहली बार में ही देश के लिए मेडल जीता है, इसका श्रेय आप किसको देंग?  
दादा- दादी माता पिता- चाचा चाची और परिवार के अन्य सदस्यों और कोच अर्जुन अवार्डी अनवर सुल्तान को, जिनके प्रयास और आशीर्वाद से यह मेडल मिला है।  

ओलंपिक भी आ रहा है, उसकी क्या तैयारी है? 
अभी तो वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड पर निशाना है, आगे आने वाले ओलंपिक के लिए भी प्रैक्टिस जारी रहेगी और देश के लिए मेडल लाकर देश का मान बढ़ाना है।  
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सात साल की प्रैक्टिस के बाद छोड़ दिया क्रिकेट

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शार्दुल विहान - फोटो : अमर उजाला
आपको क्रिकेट का शौक था और क्रिकेटर बनना था, फिर आपने शूटिंग को कैसे चुना?
शुरुआत से ही क्रिकेट का शौक था और क्रिकेटर बनना था, इसके लिए एक साल तक प्रैक्टिस भी की, लेकिन फिल्डिंग और बैटिंग में सबसे बाद में नंबर आता है, यह बात जब घर पर बताई तो फिर शूटिंग में किस्मत आजमाई और डबल ट्रैप में निशाना लगाया।  

इस बार आपके कक्षा 10 के एग्जाम है, हर कोई चाहता है कि आप स्कूल में टॉप करे, परीक्षा की क्या तैयारी रहेगी?  
एग्जाम की भी चिंता है, हर कोई चाहता है कि अच्छे अंक आए, स्कूल का बहुत सपोर्ट रहता है। 


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