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बेटी की शादी में दादी कुंतीपाल को बुलाना नहीं भूले थे अरुण जेटली, सहारनपुर से था गहरा लगाव

Sun, 25 Aug 2019 11:33 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली का सहारनपुर से गहरा नाता रहा है। उन्होंने कई बार सहारनपुर आकर चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। वह पहली बार 1989 में और अंतिम बार 2009 में सहारनपुर आए थे। 

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पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के निधन से भाजपाइयों में शोक व्याप्त है। पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी बताते हैं कि 1989 में अरुण जेटली पहली बार सहारनपुर आए थे, तब वह दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष थे। उस वक्त यूपी विधानसभा चुनाव में उन्होंने बेरीबाग और नुुमाइश कैंप में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया था।

उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुशील मित्तल के मोहल्ला चौंताला स्थित आवास पर रात्रि विश्राम किया था। इसके बाद भी कई बार सहारनपुर आते-जाते रहे हैं। अंतिम बार उन्होंने लोकसभा चुनाव 2009 में बेरीबाग में चुनावी जनसभा को संबोधित किया था। 
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यूपी के बागपत जिले से रहा अरुण जेटली का खास नाता, रालोद प्रत्याशी के पक्ष में किया था चुनाव प्रचार

कुंती पाल और राघव से था नजदीकी रिश्ता 

पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा और उनकी दादी कुंतीपाल से अरुण जेटली का काफी नजदीकी रिश्ता था। राघव लखनपाल शर्मा बताते हैं कि अरुण जेटली उनके संरक्षक, मार्गदर्शक और पिता समान थे। समय-समय पर सहारनपुर के विकास और यहां की राजनीतिक को लेकर वह सलाह दिया करते थे। वह जब दिल्ली जाते थे तो उनके निजी आवास पर हर बार उनसे मुलाकात होती थी।

दादी कुंती पाल का अरुण जेटली बहुत सम्मान करते थे। अपनी बेटी की शादी पर उन्होंने खासतौर से दादी कुंतीपाल को आमंत्रित किया था। दो सप्ताह में एक बार फोन पर उनकी दादी से बात होती थी।

2009 में जब वह अंतिम बार सहारनपुर आए थे तो उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन हैलीपैड पर उतरा था, उन्हें बेरीबाग में जनसभा को संबोधित करने जाना था, लेकिन सबसे पहले उन्होंने दादी कुंतीपाल के बारे में पूछा और उनसे मिलने के लिए दिल्ली रोड स्थित आवास पर पहुंचे। दादी से वार्ता करने के बाद वह चुनावी जनसभा को संबोधित करने गए थे। 
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कृष्ण लाल ठक्कर का लड़ा था मुकदमा 

वर्ष 1985 में वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व नगर महामंत्री कृष्ण लाल ठक्कर ने नगर पालिका चुनाव के दौरान नुमाइश कैंप से सभासद का चुनाव लड़ा था, तब वह 12 वोटों के अंतर से हार गए थे और उनके विरुद्घ चुनाव लड़ रहे श्याम लाल बाठला जीत गए थे।

कृष्ण लाल ठक्कर ने बताया कि तब दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में अरुण जेटली ने उनकी तरफ से विजयी हुए श्याम लाल बाठला के खिलाफ मुकदमा लड़ा था। क्योंकि, श्याम लाल बाठला बैंक कर्मचारी थे। इसलिए वह सरकारी पद पर होते हुए चुनाव नहीं लड़ सकते थे। अरुण जेटली ने तीस हजार कोर्ट के बाद हाईकोर्ट में पूरी मजबूती के साथ मुकदमा लड़ा था। 
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