अवैध पार्किंग के आगे व्यवस्था बेबस
मेरठ। शहर की सड़कों पर बनी अवैध पार्किंग के आगे आमजन लाचार और व्यवस्था बेबस दिख रही है। सड़कों पर पार्किंग के कारण पूरा शहर जाम से जूझ रहा है। शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं होगी जहां वाहन पार्क न हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार इसकी सुध लेने को तैयार नहीं है। हालांकि अफसरों के पास अभी तक भी इस विकट समस्या से निपटने के लिए न तो कोई प्लान है और न ही अफसर कोई प्रयास किए जा रहे हैं। बस जल्द इस ओर काम करने की बात कहकर अफसर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
शहर की यातायात व्यवस्था में अवैध पार्किंग बड़ी बाध बनी हुई है। अक्सर प्रशासनिक बैठकों में इस बिंदू पर चर्चा भी होती रही है। बावजूद इसके आज तक इस ओर कोई एक्शन नहीं लिया जा सका है। शायद यही वजह है कि आज इन अवैध पार्किंगों का दायरा बढ़ता जा रहा है और सड़कें संकरी हो रही हैं। इन अवैध पार्किंगों के कारण जहां जाम की समस्या तो बनती ही है वहीं कई हादसे भी हो चुके हैं। नगर निगम के अनुसार शहर में कुल छह अधिकृत पार्किंग हैं, लेकिन अगर शहर की सड़कों पर नजर दौड़ाएं तो शायद ही कोई सड़क ऐसी बची हो, जहां अवैध पार्किंग का जाल न बिछा हो। इन अधिकृत पार्किंगों की भी मनमानी का आलम यह है कि पार्किंग स्थल के अलावा सड़क पर दूर तक वाहन खड़े करा दिए जाते हैं। पूर्व में ऐसी पार्किंगों पर क्षेत्रीय थानेदार को शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह व्यवस्था भी नाकाम ही साबित हुई।
नहीं छोड़ी पार्किंग की जगह
शहर में बड़ी-बड़ी इमारतें बन गईं। मॉल, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बन गए हैं, लेकिन इनमें पार्किंग की जगह नहीं छोड़ी गई है। ऐसे में इन संस्थानों में आने वाले लोगों को अपनी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी करनी पड़ती है। अफसर भी सब जानते हैं, लेकिन इसके बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं की जाती है। जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। अफसर पार्किंग के लिए जगह न होने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
जल्द शुरू होगा पार्किंग को लेकर अभियान
एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेई के मुताबिक जल्द शहर में अवैध पार्किंग को लेकर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे स्थानों को काफी पहले चिह्नित कर लिया गया है, जहां अवैध पार्किंग यातायात में बाधा बनी हुई हैं। उच्चाधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। जल्द योजना तैयार कर अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इससे पूर्व उन लोगों के साथ बैठक कर बातचीत से समस्या का समाधान निकालने का प्रयास होगा, जो इन पार्किंगों के लिए जिम्मेदार हैं।