आजादी के बाद जंग-ए-मैदान में देश के जांबाजों ने अपनों प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन देश का सिर झुकने नहीं दिया। 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान शूरवीरों ने दुश्मनों की पूरी फौज को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
9 इंफेंट्री पाइन डिविजन के ही जांबाज सिपाही थे, जिन्होंने युद्ध में अपनी आखिरी सांस तक दुश्मनों से लोहा लिया और एक-एक जवान ने दर्जनों को मार गिराया। 9 इंफेंट्री पाइन डिविजन मेरठ छावनी में मौजूद है। 16 दिसंबर को डिविजन हर साल विजय दिवस के रूप में मनाती है।
पाकिस्तानियों ने टेक दिए थे घुटने
1971 भारत-पाक युद्ध के दौरान 9 इंफेट्री पाइन डिविजन के जवानों ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बंगलादेश में) जसौर और खुलना में ऑपरेशन चलाकर कब्जा किया था। इस ऑपरेशन की कमान तत्कालीन पूर्वी कमान जीओसी मेजर जनरल दलबीर सिंह के हाथों में थी।
भारतीय सेना लगातार पाकिस्तान को शिकस्त दे रही थी। 4 दिसंबर को जसौर और खुलना की तरफ बढ़ने के आदेश 9 इंफेंट्री पाइन डिविजन को दिया गया। तत्कालीन पूर्वी कमान जीओसी के नेतृत्व में जांबाजों ने आगे बढ़ना शुरू किया। भारतीय सेना का खुलना को कब्जे में करना बेहद अहम था।
20 पैदल सेना बटालियनों ने दुश्मनों पर हमला बोल दिया और जल्द ही इसे अपने कब्जे में कर लिया। इसके बाद दक्षिणी दृष्टिकोण पर जसौर पर कब्जा करने की योजना बनाई गई। जांबाज सिपाही अपने लक्ष्य को भेदते जा रहे थे। 16 दिसंबर 1971 को भारतीय सैनिकों के सामने पाकिस्तान 107 ब्रिगेड के ब्रिगेडियर हयात खान ने घुटने टेक दिए।
हयात खान ने 3700 पाक जवानों के साथ तत्कालीन पूर्वी कमान जीओसी मेजर जनरल दलबीर सिंह के सामने खुलना सर्किट हाउस सरेंडर किया था।
मेरठियों ने निभाई थी अहम भूमिका
1971 युद्ध में मेरठ के जांबाजों ने भी अहम भूमिका अदा की थी। ब्रिगेडियर राजकुमार सिंह (सेवानिवृत्त) को महावीर चक्र, कर्नल हरीश चंद्र शर्मा (सेवानिवृत्त) को वीर चक्र, ब्रिगेडियर जेके तोमर (सेवानिवृत्त) को वीर चक्र, कर्नल जितेंद्र कुमार (सेवानिवृत्त) को वीर चक्र, ब्रिगेडियर रणवीर सिंह (सेवानिवृत्त) को वीर चक्र और लेफ्टिनेंट कर्नल डीके शर्मा (सेवानिवृत्त) को वीर चक्र मिला।
आज मनाएंगे विजय दिवस
16 दिसंबर 1971 में सरहद पर दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर करने वाले जांबाज शहीदों की शहादत को सेना बुधवार को विजय दिवस के रूप में मनाएगी। इस दौरान मेरठ में तैनात 9 इंफेंट्री पाइन डिविजन में पाइन वार मेमोरियल पर शहीदों को नमन किया जाएगा।