आर्किटेक्ट बनाएगा मानचित्र और सॉफ्टवेयर कर देगा स्वीकृत
मेरठ। जिले में 300 वर्ग मीटर तक के एकल आवासीय मकान बनाने वाले लाखों लोगों के लिए खुशखबरी है। अब स्वीकृत कॉलोनी, प्राधिकरण और आवास-विकास परिषद के अधिकार क्षेत्र की कॉलोनियों में मानचित्र सिर्फ तीन-चार दिन में ही स्वीकृत कर दिए जाएंगे। इसके लिए अधिकारियों के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। जिस भी आर्किटेक्ट या इंजीनियर से आपने मानचित्र तैयार कराया है वह ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम पर मानचित्र को अपलोड कर देगा। तीन से चार दिन में आपका नक्शा पास हो जाएगा।
एक साल पहले शासन की तरफ से ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम की शुरुआत की गई थी। इसमें अधिकारियों की एक शृंखला तैैयार की गई थी। इससे मानचित्र स्वीकृत कराने में काफी परेशानी आ रही थी। मानचित्र स्वीकृत कराने में तीन से चार महीने लग जाते थे। सॉफ्टवेयर में भी दिक्कत आ रही थी। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए नगर नियोजन विभाग ने ये फैसला किया है।
अब बिल्डर्स, आर्किटेक्ट को एमडीए के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। नई व्यवस्था की शुरुआत भी हो गई है। पहला मानचित्र मेरठ में अंसल टाउन में लोटस टावर के आवासीय मकान का 13 मई को स्वीकृत भी हो गया। अब तक 23 को हरी झंडी मिल चुकी है।
अभी ये थी व्यवस्था
आर्किटेक्ट से मानचित्र बनवाने के बाद उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाता था। इसके बाद मानचित्र पहले लखनऊ जाता था। वहां से जूनियर इंजीनियर, सहायक नगर नियोजक, नगर नियोजक, मुख्य नगर नियोजक, सचिव और उपाध्यक्ष के पास आता था। इन अधिकारियों के लिए समय तय किया हुआ था। जिसमें 15 से 20 दिन लग जाते थे। अगर कुछ भी कमी होती थी तो समय अधिक लगता था।
अब ये होगी व्यवस्था
अब आर्किटेक्ट द्वारा प्रमाण-पत्र दिया जाएगा कि जो मानचित्र वह स्वीकृत के लिए भेज रहा है, वह प्रस्तावित निर्माण मास्टर प्लान, जोनल प्लान और वर्तमान में बिल्डिंग बॉयलाज के अनुसार किया जा रहा है। स्वीकृत मानचित्र का प्रमाण-पत्र जारी होने के बाद भी उसमें लिखा गया है कि अगर कुछ भी मौके पर गलत पाया गया तो इसे रद्द कर दिया जाएगा।
आर्किटेक्ट ही लिखकर देगा
मानचित्र स्वीकृत कॉलोनी, प्राधिकरण और आवास-विकास परिषद का होना चाहिए। आर्किटेक्ट लिखकर देगा मैंने मानचित्र बिल्डिंग बॉयलाज के अनुसार बनाया है। मानचित्र स्वत: ही स्वीकृत हो जाएगा। इसकी कोई स्क्रूटनी इंजन में भी नहीं जाएगा। - इश्तियाक अहमद, मुख्य नगर नियोजक, मेरठ विकास प्राधिकरण
बड़ी राहत मिलेगी
इस फैसले से हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। जो मानचित्र तीन से चार महीनों में स्वीकृत हो रहे थे, वह अब तीन-चार दिनों में स्वीकृत हो जाएंगे। - अंकित अग्रवाल, आर्किटेक्ट, मेरठ आर्किटेक्ट एसोसिएशन अध्यक्ष