मेरठ। विकास भवन सभागार में शनिवार दूसरे दिन भी प्राक्कलन समिति ने सिंचाई विभाग और नगर निगम सहित पांच विभागीय अधिकारियों पर मनमानी तरीके से विकास कार्यों को कराने का आरोप लगाया है। समिति के सभापति बोले कि महानगर में करोड़ों रुपये की लागत से सीएम ग्रिड योजना में तीन सड़क स्वीकृत हुई है। वार्ड-32 सिविल लाइन में गंगाजल की पाइप लाइन व अन्य विकास कार्यों की प्लानिंग में जनप्रतिनिधियों से पूछना भी मुनासिब नहीं समझा हैं। समिति सदस्यों ने भी अफसरों को फटकार लगाई। चेतावनी दी कि पानी की व्यवस्था, एनएच-119 में सर्विस रोड और अंडरपास देरी से बनने का मामला भी उठाया गया।
विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति अमित अग्रवाल की अध्यक्षता में खाद्य एवं रसद, नगर विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन विभाग, प्रोबेशन विभाग, एनएचएआई, जल निगम और सिंचाई विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। विभागीय अधिकारी से विकास कार्य, राजस्व आय-व्यय, बजट प्राप्ति, प्राक्कलन व्यय की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। समिति के सभापति ने विभागों की बिन्दुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महानगर में जल निगम, सिचाई विभाग और नगर निगम द्वारा विकास कार्यों में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अधिकारी प्लानिंग में जनप्रतिनिधियों को पूछना भी मुनासिब नहीं समझ रहे है। मनमानी तरीके से धन की बर्बादी कर रहे हैं।
उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि दुकानों का आवंटन नियमानुसार किया जाए। पर्यटन विभाग द्वारा जनपद में कराए जा रहे कार्यों के संबंध में जनपद के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को विभागीय अधिकारी द्वारा जानकारी उपलब्ध न कराना चिंता का विषय है। समिति ने पर्यटन स्थलों पर कराए जा रहे विकास कार्यों का जनपद स्तरीय कमेटी से भौतिक सत्यापन कराने की बात कही है। एनएचएआई की समीक्षा करते हुए समिति ने समस्त एनएच-119 के किनारे सर्विस रोड खराब होना बताया। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर परतापुर इंटरचेंज पर वाहनों के घुमाव के लिए पर्याप्त स्पेस बनाए जाने तथा साईनेज लगाए जाने के निर्देश दिए। एनएच-58 परतापुर क्षेत्र में स्पर्श/मूक बधिर विद्यालय पर दिव्यांगजनों की सुविधा हेतु फुटओवर ब्रिज बनाए जाने की बात कही है। पानी की सप्लाई शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। फसलो के लिए पानी की उपलब्धता, रजवाहों, नहर और माइनर की साफ-सफाई करें।
धन की बर्बादी बंद करें, सही जगह पैसा लगाए
समिति में कहा कि, वार्ड-32 सिविल लाइन में संपन्न लोग रहते हैं। पहले वहां गंगाजल की पाइप लाइन और फिर दूसरी प्लानिंग में घर-घर पानी पहुंचाने का प्लान बनाया है जबकि शहर में दूसरी जगह पर इसकी ज्यादा जरूरत है। शहर में नालों की स्थिति बहुत खराब है। सिचाई विभाग, जल निगम और नगर निगम द्वारा विकास कार्यों की मॉनीटरिंग नहीं हो रही है। विभागीय अफसरों में समंवय बनाकर काम नहीं हो रहा है। एक विभाग सड़क बनाता है, दूसरा पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क तोड़ता है। शहर में कई ऐसी सड़क को तोड़ा गया है। इसको लेकर विभाग में तकरार होती है। सफाई व्यवस्था सहित शहर की समस्या पर समिति ने सवाल उठाए। बैठक में सदस्य एवं किठौर विधायक शाहिद मंजूर, सदस्य डॉ. मंजू सिवाच, सीडीओ नूपुर गोयल, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एडीएम प्रशासन बलराम सिंह, संयुक्त निदेशक पर्यटन प्रीति श्रीवास्तव, पीडीडीआरडीए सुनील कुमार सिंह अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।