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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल: बहुत हो चुका, अब मत सहना, तुमको इतिहास बदलना है...

Mon, 08 Jul 2019 09:41 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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अपराजिता कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला की अनूठी पहल अपराजिता 100 मिलियन स्माइल के तहत आर्य कन्या इंटर कॉलेज में बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। एंटी रोमियो स्क्वॉड से उपनिरीक्षक सविता त्यागी ने छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर मुकाबला करने की सीख दी। यदि कोई शरारती युवक छेड़खानी करे या दुपट्टा खींचें तो छात्राओं को मदद के लिए शोर मचाना चाहिए। कार्यक्रम में छात्रा सानिया ने आज के हालातों को बयां किया। छात्रा ने सुनाया कि बहुत हो चुका अब मत सहना, तुमको इतिहास बदलना है।  

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मुजफ्फरनगर जनपद में सोमवार को कस्बे के आर्य कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को बताया गया कि वे व्हाट्सअप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपनी निजी जानकारी, फोटो और वीडियो शेयर न करें। कोई उनका गलत इस्तेमाल कर सकता है। रास्ते में जाते समय कोई आपके साथ छेड़खानी करता है, तो डटकर उसका मुकाबला करें। छात्राओं को घबराना नहीं चाहिए। हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से पुलिस को सूचना दें, ताकि आरोपी पकड़ा जाए। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर 9456017204 भी छात्राओं को नोट कराया। कहा कि कोई भी परेशानी होने पर उन्हें फोन कर सकती हैं। छात्राएं अपनी शिक्षिकाओं और परिजनों से खुलकर बात करें। अपनी परेशानी बताएं और निश्चित ही वे उसका समाधान तलाशने में मदद करेंगे। छेड़छाड़ या अन्य किसी तरह की सूचना पुलिस को दें, सूचना देने वाली छात्रा का नाम गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने की भी सीख दी। स्कूटी चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनने को कहा। 

छात्राओं को हेल्पलाइन की जानकारी दी
एंटी रोमियो स्क्वॉड से उपनिरीक्षक सविता त्यागी ने छात्राओं को हेल्पलाइन 1090, 181, 100, 1098 व 112 नंबर की विस्तार से जानकारी दी। मुजफ्फरनगर से आई रेनू सिंह व बिलकिश ने राज्य सरकार द्वारा संचालित कन्या सुमंगला योजना की जानकारी दी। नगर पंचायत के ब्रांड एंबेसडर डॉ. राजीव कुमार व डॉ. शिवराज सिंह ने छात्राओं से निडर होकर पढ़ने और जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्या डॉ. अरुणा त्यागी ने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं को दबाना नहीं चाहिए। माता, अध्यापिका अथवा पुलिस के साथ शेयर करें। छोटी घटनाएं बड़ी बन जाती हैं।

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- लड़कियों को अपने हितों के लिए जागरूक होने की जरूरत है। अमर उजाला और पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान से लड़कियों में जागरूकता आ रही है। - नैंसी वर्मा छात्रा।            

- हर माता-पिता को बेटी के जन्म पर जश्न मनाना चाहिए। बेटी घर परिवार व देश का सम्मान होती हैं। बेटा-बेटी में भेदभाव की शुरुआत घर से ही होती है। - शिरिन खान, छात्रा।            

- बहुत हो चुका अब मत सहना तुमको इतिहास बदलना है। नारी न अबला है, न बेचारी है, न कोमल है, न कमजोर है। हमें डरना नहीं, डटकर मुकाबला करना है। - सानिया, छात्रा। 

-  दहेज हत्या, कन्या भ्रूण हत्या आदि अत्याचारों के खिलाफ महिलाओं को आवाज उठानी चाहिए। संघर्ष से पीछे नहीं हटना चाहिए। जुल्म को सहना भी एक अपराध है। - परि अग्रवाल, छात्रा।           

- समाज में बेटियों का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षा के बिना बेटियां अपनी आवाज नहीं उठा सकती और न ही अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकती हैं। - मुस्कान, छात्रा। 

- महिलाओं को कमजोर समझकर उन पर अत्याचार नहीं करना चाहिए। नारी शक्ति कभी कमजोर नहीं होगी। जुल्म के खिलाफ नारियों को भी अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। - बुलबुल, छात्रा।          

- लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। लड़कियों को अपनी सुरक्षा खुद करनी चाहिए। अत्याचार बर्दाश्त न करें। - ईशा, छात्रा।

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