- लड़कियों को अपने हितों के लिए जागरूक होने की जरूरत है। अमर उजाला और पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान से लड़कियों में जागरूकता आ रही है। - नैंसी वर्मा छात्रा।
- हर माता-पिता को बेटी के जन्म पर जश्न मनाना चाहिए। बेटी घर परिवार व देश का सम्मान होती हैं। बेटा-बेटी में भेदभाव की शुरुआत घर से ही होती है। - शिरिन खान, छात्रा।
- बहुत हो चुका अब मत सहना तुमको इतिहास बदलना है। नारी न अबला है, न बेचारी है, न कोमल है, न कमजोर है। हमें डरना नहीं, डटकर मुकाबला करना है। - सानिया, छात्रा।
- दहेज हत्या, कन्या भ्रूण हत्या आदि अत्याचारों के खिलाफ महिलाओं को आवाज उठानी चाहिए। संघर्ष से पीछे नहीं हटना चाहिए। जुल्म को सहना भी एक अपराध है। - परि अग्रवाल, छात्रा।
- समाज में बेटियों का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षा के बिना बेटियां अपनी आवाज नहीं उठा सकती और न ही अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकती हैं। - मुस्कान, छात्रा।
- महिलाओं को कमजोर समझकर उन पर अत्याचार नहीं करना चाहिए। नारी शक्ति कभी कमजोर नहीं होगी। जुल्म के खिलाफ नारियों को भी अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। - बुलबुल, छात्रा।
- लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। लड़कियों को अपनी सुरक्षा खुद करनी चाहिए। अत्याचार बर्दाश्त न करें। - ईशा, छात्रा।
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