नारी गरिमा के सम्मान के लिए ली शपथ
कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों ने शपथ पत्र भरकर महिलाओं के सम्मान की शपथ ली। उन्होंने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे महिलाओं के सम्मान और नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखेंगी और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी।
- महिलाएं आरंभ से ही सशक्त हैं। इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है जहां महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों में अपनी शक्ति का एहसास कराया है। - सलोनी, छात्रा
- समाज को दो भागों में बांटकर पुरुष प्रधान समाज ने अपनी सारी शक्ति महिलाओं को अपमान और चाहरदीवारी में बंद करने में लगा दी। अब इसके खिलाफ आवाज बुलंद हो रही है। - उषा, छात्रा
- समाज में महिलाओं को कमजोर आंका जाता है, लेकिन यह सही नहीं है। नारी शक्ति को जब भी मौका मिला उसने अपने आपको साबित करके दिखाया है। - पूजा, छात्रा
- वेद, पुराण और ग्रंथ सभी नारी की महिमा का गाते हैं, लेकिन समाज में उचित सम्मान नहीं मिलता। कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध आज भी हो रहे हैं। इस पर लगाम लगाने की आवश्यकता है। - शिप्रा, छात्रा
- जब नारी शिक्षित होगी, तभी समाज सशक्त बनेगा। मां बच्चे की पहली गुरु होती है। एक महिला के शिक्षित होने से पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। - मोहिनी, छात्रा
- नारी का अपमान मत करना, इनके बल पर जग चलता है। पुरुष जन्म लेकर इन्हीं की गोद में पलता है। वह केवल महिला ही है, जो किसी भी मकान को घर बनाती है। - गरिमा, छात्रा
- महिलाएं खुद को पुरुषों के सामने दूसरे दर्जे का समझती हैं। वह अपनी इस सोच में परिवर्तन करें। समाज तभी उनका सम्मान करेगा जब वे खुद का सम्मान करेंगी। - प्रियंका, छात्रा
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