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अपराजिता: मजबूर और बेसहारों का सहारा बनी दिव्यांग पायल, सीएम भी कर चुके हैं सम्मानित

Thu, 22 Nov 2018 09:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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पायल कष्यप
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घर की हालत माली। दिव्यांगता की वजह से पढाई बीच में ही छूट गई। लेकिन इसके बाद शामली की पायल पायल बेसहाराओं का सहारा बनकर खडी हैं। जो बच्चे तंगी के कारण स्कूल नहीं जा पाते और जो महिलाएं आज भी घरेलू हिंसा की शिकार हैं उनके लिए प्रेरणा का काम कर रही पायल की इसी दिलेरी के कारण राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पायल को सम्मानित कर चुके हैं।  
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गरीब लोगों के लिए संघर्ष करने वाली लडकी को मर्दानी न कहें तो क्या। कुछ ऐसी ही कहावत को सच साबित कर रही है लतीफगढ गांव निवासी पायल कष्यप। एक पैर से दिव्यांग है। पायल कष्यप के माता-पिता का देहांत हो चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है और बावजूद इसके पायल के कंधों पर अपने सहित तीन अन्य भाई-बहनों की जिम्मेदारी भी है। इन सबके बावजूद पायल ने साल 2014 में युवा एकता उत्थान समिति का गठन किया। 

इस संगठन के जरिए पायल जहां पैसे के अभाव में स्कूल से दूर बच्चों को शिक्षित करने का काम करती है, वहीं उत्पीडन का शिकार महिलाओं को जागरूक करने का भी। इसी कार्य के चलते साल 2015 की 27 अगस्त को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिम्पल यादव ने पायल कष्यप महिला सषक्तिकरण एवं बाल विकास के कार्यों को लेकर सम्मानित भी किया था। 
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घर के आसपास ही बच्चों को पढाती है पायल 
आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण पायल के घर में बच्चों को पढाने की बेहतर व्यवस्था नहीं है। इसलिए वह आसपास के घर व घेर में बच्चों की क्लास चलाकर उन्हें पढाने का काम करती है। 

जनवरी 2011 में हुआ था पिता का निधन 
पायल कष्यप की मां का निधन 2011 में हो गया था। इसी साल 14 जनवरी को उनके पिता श्यामलाल का भी निधन हो गया। ऐसे में पायल के परिवार की स्थिति और गंभीर हो गई, लेकिन मर्दानी लडकी ने इस कमजोरी को भी अपना हथियार बनाया और अपने मिशन में बढती चली गई। 

बीच में छूट गई पढाई 
पायल के परिवार की आार्थिक स्थिति का आलम ये है कि पैसे न होने के कारण उन्हें देहरादून में मास्टर्स ऑफ जर्नलिज्म की पढाई बीच में ही छोड देनी पडी। लेकिन बावजूद इसके भी पायल ने हार नहीं मानी। 

आठ भाई-बहन 
पायल के पिता के कुल आठ संतान हैं। इनमें से बडे चार भाईयों की शादी हो चुकी है, जो अपने परिवार के साथ रहते हैं। हालांकि, वह पायल की परिवार चलाने में थोडी बहुत मदद कर देते हैं, लेकिन उनकी स्वयं की भी हालत ठीक न होने के कारण ज्यादा मदद नहीं दे पाते।  
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पायल कष्यप
अपराजिता मुहिम के तहत आज स्कॉटिशन इंटनरेशनल में शिविर 
शामली में अमर उजाला द्वारा शुरू की गई अपराजिता मुहिम के तहत आज कैराना रोड स्थित शहर के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल में सेल्फ डिफेंस शिविर का आयोजन होगा। इसमें प्रशिक्षकों द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। जूडो कराटे ओर ताइक्वांडों का एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

क्या है अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स

‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ नारी गरिमा के लिए एक साझा मंच तैयार करने की मुहिम है। इसके तहत ऐसा माहौल बनाने की कोशिश होगी जिसमें हर कोई यह सोचने को मजबूर हो जाए कि सुरक्षित समाज हर बच्ची और हर महिला का हक है। समाज का नकारात्मक माहौल हमारे लिए चुनौती है। अमर उजाला ने इस जड़ता को तोड़ने की जिम्मेदारी उठाई है। पर, इसके लिए सबसे बड़ी जरूरत है समुदाय निर्माण यानी कम्युनिटी बिल्डिंग की। ये ऐसा समुदाय होगा जो न केवल सकारात्मक दिशा में सोचे बल्कि नारी गरिमा को लेकर सतर्क और हमेशा प्रयासरत भी हो। आप भी जुड़ें अभियान से इस अभियान से जुड़ने के लिए aparajita.amarujala.com पर लॉगइन करें। 

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