बागपत जिला पुलिस प्रशासन के बालिका सुरक्षा और अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान में वक्ताओं ने कहा कि बेटियां बेहिचक और बेझिझक होकर पुलिस की मदद लें। हेल्प लाइन नंबरों का प्रयोग करें। शिक्षकों और अभिभावकों से अपनी बात कहें। कानून की जानकारी रखें और जागरूक बनकर समाज के विकास का हिस्सा बनें।
इंटरमीडिएट कॉलेज, सरूरपुर में गुरुवार को कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि महिला थाना प्रभारी नेहा चौहान ने कहा कि पुलिस को छात्राएं अपने परिवार का हिस्सा समझें। गलत चीजों को सहन करने की आदत छोड़ें और तुरंत अपनी समस्या से शिक्षकों, अभिभावकों और पुलिस को सूचित करें। अगर कोई छात्रा सामने नहीं आना चाहती तो हेल्पलाइन नंबरों का प्रयोग करें, जिस पर पहचान गोपनीय रखी जाती है।
बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि ने कहा कि सरकार छात्राओं की मदद के लिए तैयार हैं। योजनाओं का लाभ लें और जागरूक बनें। कन्या सुमंगला योजना की जानकारी दी गई।
प्रधानाचार्य राजबीर सिंह ने कहा कि छात्राएं बेहतर शिक्षा हासिल करें। कानून की जानकारी रखे। शिक्षा से ही भविष्य की राह खुलती है।
नवोदय लोक चेतना के सदस्य देवेंद्र धामा ने कहा कि जागरूकता सबसे ज्यादा जरूरी हैं। बेटियां हमेशा जागरूक रहें और अच्छी से अच्छी शिक्षा हासिल करें। शिक्षक रविंद्र सैनी ने भी विचार रखें।
सीडब्ल्यूसी के प्राधिकारी डॉ. कुलदीप त्यागी ने कहा कि बाल उत्पीड़न की घटना पर रोक के लिए उनकी टीम हमेशा तैयार हैं। छात्राएं बाल विवाह जैसी समस्याओं से अवगत करा सकती हैं, हेल्प लाइन नंबर का प्रयोग करें। जसवीर सिंह, अंग्रेज पाल, सतीश कुमार वर्मा, अजय शर्मा, रजनी शर्मा, रमा, मिथलेश, सुमन सिंह और अंजू कुमारी मौजूद रहीं। संचालन राजवीर सिंह ने किया।