सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके जैन की करीब पौने तीन करोड़ की बेनामी संपत्ति के भंडाफोड़ के बाद मेरठ में एक और मामला पकड़ा गया है। सिविल लाइन पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक ही सीरीज के 8.80 लाख की नई करेंसी के साथ चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि चारों आरोपी कमीशन पर पैसा बदलने का काम करते हैं। आरोपी एक अधिकारी को नई करेंसी पहुंचाने जा रहे थे। एक आरोपी जितेंद्र सीए है।
मेरठ एसटीएफ इंस्पेक्टर विनोद कुमार और सिविल लाइन इंस्पेक्टर विजय कुमार को बृहस्पतिवार की रात लगभग आठ बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि पांच युवक नई करेंसी लेकर एक अधिकारी को देने जा रहे है। जिस पर एसटीएफ और सिविल लाइन पुलिस टीम ने घेराबंदी करके चार युवक रजनीश गर्ग निवासी पांडव नगर, अनिल रावत निवासी जय देवी नगर, सीए जितेंद्र कुमार निवासी कसेरूखेड़ा और वेदप्रकाश निवासी मोहनपुरी सिविल लाइन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चारों युवकों की तलाशी ली। उनके पास से एक ही सीरीज के दो-दो हजार के 8.80 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। एक ही सीरीज के दो-दो हजार के नोट मिलने पर पुलिस ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक आरोपी एक बैंक से कैश निकालकर लाए हैं। सवाल उठता है कि 8.80 लाख रुपये बैंक ने किस सेटिंग के जरिये इन युवकों को दिए हैं। पुलिस ने फोन करके इनकम टैक्स के अधिकारियों को भी मौके पर बुला लिया। इनकम टैक्स के अधिकारियों ने घंटों पूछताछ की।
25-30 % पर बदलते थे
इंस्पेक्टर सिविल लाइन के मुताबिक आरोपी पुराने नोट लेकर 25-30 प्रतिशत के कमीशन पर नई करेंसी देते है। बृहस्पतिवार को भी रोहटा रोड स्थित एक अधिकारी को नई करेंसी देनी थी। आरोपियों ने अधिकारी का नाम भी पुलिस को बताया है। मामले की जांच इनकम टैैक्स के अधिकारी कर रहे हैं। अधिकारी किस विभाग का है और कितने नोट बदलवा चुका है, इसकी जांच जारी है।