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Anil Dujana Encounter: खौफ का पर्याय बना था अनिल दुजाना, 23 साल से चल रही खूनी गैंगवार में दर्जनों कत्ल नाम

Thu, 04 May 2023 05:09 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

Anil Dujana Encounter: मेरठ एसटीएफ ने खौफ का पर्याय बने कुख्यात और 64 मुकदमों में वांछित चल रहे कुख्यात अनिल दुजाना को मुठभेड़ में मार गिराया। वह हाल में जेल से बाहर आया था और आते ही उसने फिर से खौफ कायम करना शुरू कर दिया था। गुरुवार को उसके खौफ का अंत हो गया।
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अनिल दुजाना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महेंद्र फौजी और सतवीर गुर्जर की अदावत से शुरू हुई गैंगवार 20 साल से चल रही है। अनिल दुजाना भी इस गैंगवार का प्रमुख चेहरा था। पश्चिमी यूपी में गैंगवार का आगाज महेंद्र फौजी और सतबीर गुर्जर की अदावत से हुआ। इसके बाद सुंदर भाटी और नरेश भाटी के बीच गैंगवार होने लगी।

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दोनों सतबीर के गुर्गे थे। सुंदर ने जिला पंचायत अध्यक्ष बन चुके नरेश भाटी की 2004 में हत्या कर दी थी। नरेश भाटी के भाई रणदीप और भांजे अमित कसाना ने बदला लेने की ठानी, जिसमें दुजाना को भी शामिल किया। साहिबाबाद स्थित भोपुरा में नवंबर 2011 को सुंदर भाटी के साले की शादी थी। रणदीप, दुजाना और कसाना ने एक-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें तीन लोग मारे गए। लेकिन सुंदर भाटी बच निकला।
 

यह भी पढ़ें: Anil Dujana Encounter: गैंगस्टर अनिल दुजाना मेरठ में पुलिस मुठभेड़ में ढेर, 64 से ज्यादा मुकदमे हैं दर्ज

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मौके से बरामद पिस्टल - फोटो : अमर उजाला
पलटवार में भाई का मर्डर
अनिल तिहरे हत्याकांड में जनवरी 2012 में पकड़ा गया। वह जेल से अपने गैंग को चलाने लगा। रणदीप भाटी और अमित कसाना मदद करते थे। वह जेल से ही मर्डर और रंगदारी की साजिशों को अंजाम देने लगा। सुंदर भाटी गैंग ने जनवरी 2014 दुजाना के घर पर हमला कर दिया। ताबड़तोड़ फायरिंग में उसके भाई जय भगवान की मौत हो गई। अनिल के पिता ने सुंदर भाटी समेत आठ को नामजद कराया।


 

#WATCH उत्तर प्रदेश: यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में गैंगस्टर अनिल दुजाना मारा गया। वीडियो घटनास्थल से है। pic.twitter.com/PwH5aqlZ27

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अनिल दुजाना एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
दुजाना गैंग ने इसका बदला लेने के लिए सुंदर के गुर्गे राहुल का मर्डर कर दिया। दुजाना के गुर्गों ने जनवरी 2019 को दिल्ली के नंद नगरी के कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगी थी। वह 9 साल बाद जनवरी 2021 में जमानत पर बाहर आया। 16 अक्टूबर 2021 में सिकंदराबाद के एक कारोबारी से एक करोड़ की रंगदारी मांगी। खेड़ी गांव के प्रधान जयचंद हत्याकांड में गवाह उनकी पत्नी को भी धमकाया। वह दोनों केसों में वॉन्टेड चल रहा था।
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शातिर किस्म का आरोपी था अनिल दुजाना

अनिल दुजाना एक शातिर किस्म का अपराधी था, जो अपने गैंग के सदस्यों की रंजिश एवं उनके आर्थिक लाभ को ध्यान में रखकर अपना गैंग चलाता था। वह लगातार गैंग में नये सदस्य जोड़ता रहता है और अन्य गैंग के साथ मिलकर भी अपराध करता था।

अपने प्रतिद्वंदी एवं आर्थिक लाभ के लिए नृशंस हत्याएं कराता था। इसका मुख्य जुड़ाव रणदीप भाटी निवासी रिठारी गैंग से था। साथ ही मुकीम काला गैंग और इसके सदस्यों से भी अनिल दुजाना की घनिष्ठता रही। शुरुआती  रूप से अपराध में यह रणदीप भाटी गैंग के लिए हत्याएं करता था लेकिन बाद में अपना खुद का मजबूत गैंग बना लिया। इसके बाद अन्य गैंग के साथ भी गठजोड़ कर लिया। अपराधी अनिल दुजाना को मुकदमा सं. 267/12 धारा 174 भादवि के अभियोग में माननीय न्यायालय द्वारा चार साल की सजा सुनाई गई थी।
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