रंगीन फोटो नहीं, मौके पर गुणवत्ता और कार्य में रफ्तार चाहिए: श्रीकांत शर्मा
- प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा की समीक्षा बैठक मेें अधिकारियों के छूटे पसीने
- जनप्रतिनिधियों ने भी कई विभागों की शिकायत प्रभारी मंत्री से की
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सन्नाटा क्यों पसरा है, कुछ बोलते क्यों नहीं हो? आगे से सभी मौके पर जाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रफ्तार को बढ़ाएंगे। आप लोग सभी एक साल में पिछड़ गए हो। सरकार अच्छा कर रही है और आप कुछ जनता को बताते ही नहीं हो। यहां बैठक में कलर फोटो दिखाने से बात नहीं बनने वाली है। विधायकों और सांसदों को शिलान्यास और लोकार्पण में क्यों नहीं बुलाते हो। ऐसे सख्त लहजे में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शनिवार को अधिकारियों को हिदायत दी। कहा कि सुधर जाओ। 20 दिन बाद फिर आऊंगा और विकास कार्य की समीक्षा बैठक लूंगा।
विकास भवन सभागार में विकास कार्यों और 64 परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि अधिकारी परस्पर समन्वय के साथ कार्य करें। सभी अधिकारी जनता व जनता के सेवकों (जनप्रतिनिधियों) का फोन अवश्य उठाएं। हर निर्माण कार्य का भूमि पूजन, शिलान्यास और लोकार्पण जनप्रतिनिधियों से कराएं। लापरवाही व अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर पीडब्ल्यूडी और अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए निर्देश दिए।
अगले शनिवार को सड़कों की समीक्षा
बैठक की शुरुआत में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार प्रभारी मंत्री द्वारा पूछे गए सड़क के विधानसभावार आंकड़ों के सही से जवाब नहीं दे पाए। इस पर प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारी को सुधरने की हिदायत दी। कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल सड़कों के निर्माण में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सांसद की अध्यक्षता में आगामी शनिवार को पीडब्ल्यूडी, एमडीए, गन्ना, नगर निगम, सिंचाई विभाग द्वारा बनायी जा रही सभी सड़कों की पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से समीक्षा करने और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करने का फैसला लिया। कहा कि जहां कहीं भी सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है, उस पर संबंधित विभाग बोर्ड लगवाकर सड़क की लंबाई, चौड़ाई, लागत, कार्य समाप्ति की तिथि प्रदर्शित करें।
खुद को पता नहीं प्रेजेंटेशन बना दी
बैठक में 50 लाख से ऊपर के कार्य की पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समीक्षा की जा रही थी। लेकिन कई बार कागज और प्रेजेंटेशन में आंकड़े भिन्न निकले। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताकर कहा कि खुद को पता नहीं प्रेजेंटेशन बना दी। आप लोग तो समझते हो कि मंत्री को दिखा दो और मंत्री चले जाएंगे। इसके लिए पहले खुद होमवर्क करके आएं। उन्होंने इन कार्यों की सैंपलिंग कराकर गुणवत्ता जांच करने के निर्देश दिए।
जल निगम के ठेकेदार पर कराएं एफआईआर
प्रभारी मंत्री ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि वह जल निगम की सीवर लाइन आदि कार्यों की जांच कराएं तथा जो कार्य निर्धारित समय में पूरे नहीं हुए हैं उसके ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करवाएं। निर्देश दिए कि जिले को स्वच्छ बनाने के लिए मोबाइल एप बनाएं ताकि आमजन उस पर सफाई से संबंधित फीडबैक दे सकें और शिकायत दर्ज करा सकें। स्वच्छता अभियान से वार्डों में रहने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, सीए आदि को भी जोड़ा जाए।
सांसद और विधायकों ने ये रखे प्रस्ताव
राज्यसभा सदस्य विजय पाल सिंह तोमर ने जल संरक्षण व जल संवर्द्धन की आवश्यकता पर जोर देने के साथ तालाबों को ठीक कराने के लिए कहा। किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी ने शाहजहांपुर में विद्युत उपकेंद्र के निर्माण के लिए वन निगम द्वारा पेड़ों की नीलामी प्राथमिकता पर कराने के लिए कहा। शाहजहांपुर-किठौर मार्ग पर 50 बिस्तर के अस्पताल का लोकार्पण कराने व काली नदी के आसपास के ग्रामों में जल निगम की योजनाओं को शुरू करने के लिए कहा। विधायक सोमेंद्र तोमर ने पराग डेरी की जांच कराने व इनर रिंग रोड बनवाने की मांग की।
नौ बजे ही कर दिया दरवाजा बंद
समीक्षा बैठक की शुरुआत शनिवार सुबह नौ बजे से होनी थी। मंत्री पांच मिनट पहले ही विकास भवन सभागार पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने नौ बजते ही दरवाजा बंद करा दिया। इसके बाद पहुंचे अधिकारियों के पसीने छूट गए। किसी तरह से पीछे के दरवाजे से राज्यसभा सदस्य सहित कई अधिकारियों ने प्रवेश किया।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, ठा. संगीत सोम, जितेंद्र सतवई, डीएम के. बालाजी, एसएसपी अजय साहनी, एमडी पीवीवीएनएल अरविंद मलप्पा बंगारी, एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी, सीडीओ शशांक चौधरी, नगरायुक्त मनीष बंसल आदि मौजूद रहे।