हत्यारोपी अर्पित, अंगदवीर की फाइल फोटो और उसकी मां गुरप्रीत कौर।
- फोटो : अमर उजाला
बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज से छह साल के मासूम अंगदवीर की अपहरण कर हत्या की साजिश में शुक्रवार को उसकी मां गुरप्रीत कौर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गुरप्रीत वारदात के पहले और बाद में अपने प्रेमी मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर के संपर्क में थी। अर्पित ने अंगदवीर की हत्या के दस मिनट बाद ही गुरप्रीत को व्हाट्सएप पर मैसेज कर कहा कि काम हो गया है। गुरप्रीत ने मैसेज किया किसी ने देखा तो नहीं। इसके बाद बाद लिखा कि पुलिस के हाथ फुटेज लग गई है अब नहीं बचोगे...कॉल मत करना। इसके बाद दोनों आरोपियों ने अपनी व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दी थी।
सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि व्हाट्सएप चैट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर गुरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया। उसने वारदात की साजिश में शामिल होने का जुर्म कबूल किया है। आरोपियों की डिलीट की गई चैट रिकवर की तो गुरप्रीत के साजिश में शामिल होने का पुख्ता साक्ष्य मिल गया।
जांच और पूछताछ में सामने आया है कि मंगलवार को गुरप्रीत ने अर्पित पाराशर को व्हाट्सएप कॉल कर अपने घर के पास बुलाया था। अर्पित के पहुंचने पर वह अपने बेटे अंगदवीर को लेकर घर से निकली थी। यहां से करीब 100 मीटर की दूरी पर अर्पित कार लेकर खड़ा था। गुरप्रीत ने हाथ से इशारा कर अंगदवीर से कहा कि जा कार में अंकल बैठे हैं। उनके साथ चला जा वह तुझे घड़ी और चॉकलेट दिलाकर लाएंगे। अंगदवीर को आरोपी के साथ भेजकर गुरप्रीत अपने मायके नजीबाबाद दवा लेने चली गई थी।
अंगदवीर ने रात में देखा तो मार डाला
पूछताछ में गुरप्रीत ने यह भी बताया कि रविवार को अवकाश के दिन उसने अर्पित को रामराज स्थित अपने घर पर बुलाया था। रात के समय वह उसके घर पर पहुंचा था। पास में ही चारपाई पर सो रहे अंगदवीर की अचानक नींद खुल गई और उसने गुरप्रीत के साथ अर्पित को देख लिया था। इसके बाद से गुरप्रीत और अर्पित को डर सताने लगा था कि अंगदवीर अपने पिता और दादी को इसकी जानकारी न दे दे। इस संबंध दोनों की व्हाट्सएप चैट पर बात हुई। इसी के चलते दोनों ने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। गुरप्रीत चाहती थी कि गुरसेवक से पैसा आदि लेकर उसे तलाक दे दे, लेकिन उन्हें यह लगता था कि अंगदीवर के कारण गुरसेवक उसे तलाक नहीं दे रहा है। इसी कारण भी वह उसे रास्ते से हटाना चाहती थी।
फुटेज का पता चलते ही लिखा-तूने मारा है...मेरा नाम मत लेना
दादी बलजिंदर कौर के प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद मंगलवार शाम पुलिस जांच करने पहुंच गई। गुरप्रीत कौर को पता चला कि पुलिस के पास फुटेज है। इसमें अर्पित अपनी कार में अंगदवीर को अगवा कर ले जाता दिख रहा है। उसने शाम साढ़े छह बजे अर्पित को मैसेज किया कि पुलिस आ गई है। गांव में हल्ला मच गया है। पुलिस के पास फुटेज है तुम फंसोगे, मैंने कुछ नहीं किया। तूने मारा है। मेरा नाम मत लेना। पुलिस को अंगदवीर को अगवा कर ले जाने की फुटेज उसके घर से कुछ दूर लगे सीसीटीवी से मिली थी।
ये बोले एसपी
चैट, जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर गुरप्रीत की गिरफ्तारी की गई है। वह बेटे की हत्या की साजिश में शामिल थी। अंगदवीर ने गुरप्रीत और अर्पित पराशर को अपने घर में साथ देख लिया था। इसलिए उसकी हत्या कर दी गई।
- अभिजीत कुमार, एसपी देहात
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