अंगद का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पोते को याद कर बार-बार रो पड़ीं दादी
अंगद की याद में दादी कई बार भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पोते के जाने से घर की रौनक चली गई है। वह रोते हुए बताती हैं कि अंगद कहता था कि मुझे मां और पापा दोनों चाहिए, मैं तरस खा गई, ऐसा न सोचा था। बहुत समझाया पर बहू नहीं मानी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद जिस बच्चे की किलकारियों से घर गूंजता था, आज उसी घर में सन्नाटा पसरा हुआ है।