- सच संस्था अध्यक्ष और अधिवक्ता ने नगर निगम की कारगुजारी की पोल खोली
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नगर निगम और ठेकेदार ने गजब का जुगाड़ किया हैं। अतिक्रमण हटाए बगैर मंदिर और मकानों के नीचे से नाला निकाल दिया। जिसने भी इस अनोखी टेक्नाेलॉजी को देखा, वो हैरान हैं। सोशल मीडिया पर इसकी वीडियो खूब वायरल हो रही है। सच संस्था अध्यक्ष संदीप पहल ने महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगर आयुक्त को जिम्मेदार ठहराया है। अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने नगर आयुक्त को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की।
वेस्टर्न कचहरी रोड पर सीएम ग्रिड योजना के तहत नाला और सड़क निर्माण का कार्य नगर निगम द्वारा कराया जा रहा है। अतिक्रमण हटाने के बाद ही सड़क और नाला निर्माण कार्य होना तय था। सड़क किनारे कई मकान, दुकान और मंदिर है, जोकि निर्माण कार्य में बाधा है। निगम ने अतिक्रमण नहीं हटाया, बल्कि मकान, दुकान और मंदिर के पीछे सुरंग की तरह नाला बना दिया। इससे मकान, दुकान, मंदिर की दीवारों की नींव कमजोर होना बताया जा रहा है।
सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी और कोई अनहोनी घटना हो जाए तो उसके जिम्मेदार महापौर, नगर आयुक्त को ठहराने की बात कही। स्थानीय लोगों ने भी नगर निगम द्वारा नाला निर्माण में किए इस कार्यों को गलत बताकर कमेंट करना शुरू कर दिया है।
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अतिक्रमण के खिलाफ सर्वे की मांग, अफसरों को पत्र भेजा
मेरठ। शहर की सार्वजनिक सड़कों, नालों, चौराहों व सरकारी भूमि पर बने अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक सर्वे और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई गई है। अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने शुक्रवार को कमिश्नर, डीएम और नगर आयुक्त को शिकायती पत्र भेजकर जनहित में कार्रवाई की मांग की। कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता सार्वजनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य और नैतिकता के अधीन है। किसी भी व्यक्ति या समुदाय को सरकारी भूमि, सड़क, नाले या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण कर स्थायी धार्मिक निर्माण करने का अधिकार नहीं है। धार्मिक स्थल में अतिक्रमण हो तो उसको भी हटाया जाए।
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