सरधना में श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव के दौरान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वन गमन की लील
सरधना। सोमवार को श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव में श्री रामा मंडल के कलाकारों ने भावपूर्ण लीला का मंचन किया। इसमें श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वन गमन से लेकर राजा दशरथ के पुत्र वियोग में प्राण त्यागने तक के प्रसंग दिखाए गए।
कलाकारों ने भगवान श्रीराम के पिता के वचन का मान रखने के लिए राजमहल त्यागने का दृश्य प्रस्तुत किया। माता सीता और अनुज लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाने को तैयार हुए। वनवास के दौरान भगवान श्रीराम गंगा तट पर पहुंचे। वहां केवट ने उन्हें गंगा पार कराया। इसके बाद उन्होंने वन क्षेत्र में भील समुदाय के लोगों से भेंट की। चित्रकूट में भगवान श्रीराम के निवास के प्रसंगों को सजीव रूप में दर्शाया गया। इन दृश्यों ने मर्यादा, त्याग और पारिवारिक प्रेम का संदेश दिया।
उधर, अयोध्या में भगवान श्रीराम के वन जाने से राजा दशरथ गहरे दुख में डूब गए। पुत्र वियोग में व्याकुल होकर राजा दशरथ ने अंततः अपने प्राण त्याग दिए। इस भावुक दृश्य को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। कलाकारों ने पिता-पुत्र के स्नेह और वियोग की पीड़ा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। रामलीला कमेटी के प्रधान मलखान सैनी और संयोजक शरद त्यागी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।