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Meerut News: शब्दों की एक शाम, संवेदनाओं के नाम...

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शब्द सुरों में ढलते हैं और भावनाएं मंच पर उतरती हैं, तब एक साधारण शाम भी यादगार बन जाती है। मेरठ में आयोजित ऐसी ही एक काव्य संध्या ने श्रोताओं को जीवन, प्रेम और संवेदनाओं के रंगों में रंग दिया। राष्ट्रीय काव्य संग्रह मंच द्वारा आयोजित “एक शाम सीमा गुप्ता के नाम” काव्य संध्या साहित्य प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय बन गई।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। संचालक नीलम मिश्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक रंगों से भर दिया। मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ कवि ओमकार गुलशन ने अपनी काव्य पंक्तियों के माध्यम से जीवन के विविध आयामों को छूते हुए कहा कि ज़िंदगी कभी फूल सी कोमल तो कभी कांटों सी कठिन प्रतीत होती है। संध्या का केंद्र बिंदु रहीं सीमा गुप्ता ने अपनी मार्मिक रचना से जीवन की निरंतरता और अंतिम सत्य को सहज शब्दों में व्यक्त कर श्रोताओं को भावुक कर दिया।
नीलम मिश्रा ने जीवन में संतुलन की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि खुशियों के साथ-साथ कठिनाइयों का अनुभव भी जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। वहीं डॉ. सुदेश यादव ‘दिव्य’ ने प्रेम और विश्वास की गहराई को अपनी पंक्तियों में पिरोकर श्रोताओं के दिलों को छू लिया। कार्यक्रम में अरुणा पंवार, रेखा गिरीश, राम कुमारी, रचना बनिया, सारिका मेहता, कमलेश तन्हा, बीना मंगल, नंदिनी रस्तोगी, सुरेंद्र खेड़ा और मनमोहन भल्ला सहित कई कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। विशिष्ट अतिथियों में सत्यपाल सत्यम और सुभाष गोस्वामी की उपस्थिति रही।
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