आठ साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने वाला उसके परिजनों का परिचित ही निकला। उसका उनके यहां आना जाना था। पुलिस ने स्केच के आधार पर आरोपी की पहचान कराकर उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इसका खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल के पास से उसकी आईडी, जो भागते समय गिर गई थी और उसके कपड़े भी बरामद करने का दावा किया है।
मंगलवार को कोतवाली में प्रैस कांफ्रेन्स कर एसपी देहात विद्या सागर मिश्रा ने बताया कि मासूम बच्ची से रेप करने के आरोपी का स्केच जारी कराने के बाद उसकी पहचान के लिए आसपास के गांव वालों का सहयोग लिया गया और यह स्केच पीड़िता को भी दिखाया गया। पीड़िता स्केच को देखकर पहले तो सहम गई और उसके बाद फूट-फूटकर रोने लगी। हालांकि उसने बताया कुछ नहीं, लेकिन पुलिस को पक्का शक हो गया कि आरोपी यही है। इस पर स्केच से आरोपी की पहचान कराई गई। इसके बाद स्केच के आधार पर गांव रसूलपुर निवासी युवक रामकुमार पुत्र पाल्ला उर्फ पाल सिंह को उसके घर से गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो घटना का खुलासा हो गया। पूछताछ में रामकुमार ने खुलासा किया, कि वह पीड़िता के परिजनों का परिचित है और उसका उनके पास आना जाना है। 29 अगस्त को रामकुमार मेले में पहुंचा और पीड़िता के भाई की दुकान से प्रसाद खरीदने के बाद उसे म्हाड़ी पर चढ़ाने के लिए चला गया। इसी बीच पीड़िता के भाई की दुकान पर प्रसाद खत्म हो गया और वह अपनी आठ साल की बहन को दुकान पर बैठा कर प्रसाद लेने के लिए अपने गांव चला गया। इसी का फायदा उठाते हुए रामकुमार बच्ची को बहला-फुसलाकर मेले के पास ही आम के बाग में खड़े बाजरे के खेत में ले गया और उसके साथ रेप किया। बच्ची के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर गए तो आरोपी भाग निकला। रामकुमार की निशानदेही पर घटनास्थल के पास से उसकी आईडी, जो भागते समय गिर गई थी और उसकी पैंट शर्ट भी बरामद कर ली गई है।
खुलासा करना पुलिस के लिए आसान नहीं था
मासूम के साथ रेप
मासूम बच्ची के साथ हुई रेप की घटना का खुलासा पुलिस के लिए आसान नहीं था। छह दिन से लगातार अंधेरे हाथ पांव मार रही पुलिस के सामने सबसे ज्यादा दिक्कत यह आ रही थी, किसी ने भी आरोपी को सामने से नहीं देखा था। भागते हुए दूर से उसे पीछे से देखा गया था। उन चार युवकों को भी उसका आधा चेहरा ही दिखाई दिया था, जो सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने युवकों द्वारा बताए गए हुलिए पर पहले एक स्केच तैयार कराया, लेकिन उससे सफलता नहीं मिल सकी। दूसरा स्केच तैयार कराकर पुलिस ने सबसे पहले पीड़िता को दिखाया। स्केच को देखते ही पीड़िता पहले तो सहम गई और उसके बाद फूट-फूट कर रोने लगी। हालांकि बोली कुछ नहीं। लेकिन पुलिस को पक्का हो गया, कि आरोपी यही है। और यहीं से पुलिस को आरोपी तक पहुंचने की लाइन मिल गई। इसके बाद पुलिस ने आसपास के गांवों के कुछ युवकों को स्केच की प्रतियां देकर आरोपी की पहचान कराई। स्केच से ही पुलिस आरोपी रामकुमार तक पहुंची।
एसपी देहात ने बताया कि आठ साल की मासूम बच्ची के साथ रेप की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में शामिल इंस्पेक्टर वेदप्रकाश गिरि, एसएसआई देवेंद्र यादव, एसआई नरेंद्र कुमार, एसआई तूफान सिंह भाटी, कांस्टेबल आशीष राणा, दीपेंद्र कुमार, झलक सिंह, संदीप कुमार और अजय कुमार के लिए एसएसपी ने 12 हजार रूपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
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