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एंबुलेंस हो या अफसर की गाड़ी, जाम में फंसना तय   

Tue, 31 Oct 2017 11:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाम शहर के लिए नासूर बनता जा रहा है। एंबुलेंस हो या अधिकारी की गाड़ी, यहां जाम में फंसना तय है। सोमवार को वेस्टर्न कचहरी रोड, गढ़ रोड और दिल्ली रोड पर भीषण जाम में अधिकारियों के सायरन बजते रहे। कई जगह पर ट्रैफिक विभाग की ट्रैमो दौड़ी और जाम से अधिकारियों की गाड़ी निकलवाई।  
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आम जनता को सुबह से शाम तक जाम झेलना पड़ता है। जाम से निजात पाने के लिए ट्रैफिक विभाग पर कई लाख रुपये खर्च हो किए गए। क्रेन, ट्रैमो व पुलिसकर्मियों की संख्या तक बढ़ाई, लेकिन जाम की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। एक एसपी ट्रैफिक, तीन सीओ, एक टीआई व दो टीएसआई को लगाया हुआ है। ट्रैफिक पुलिस दावा करती है कि शहर को जाम से मुक्त करने के लिए अलग अलग तरीके से प्लान बनाए जा रहे हैं। लेकिन धरातल पर एक भी अभियान नहीं नजर आता। 

सोमवार को गढ़ रोड पर पुलिस के एक अधिकारी, वेस्टर्न रोड पर एक प्रशासनिक अधिकारी व एक मजिस्ट्रेट जाम में फंसे थे। अधिकारियों ने एसएसपी को फोन किया तो खलबली मच गई। एसएसपी ने ट्रैफिक पुलिस को हड़काते तुरंत अधिकारियों को जाम से निकालने के निर्देश दिए। इसके अलावा दिल्ली रोड पर एंबुलेंस जाम में फंसी रही। उसका सायरन भी लगातार बज रहा था। करीब 15 मिनट बद वव जाम से निकल सकी। एसएसपी मंजिल सैनी दहल का कहना है कि पुलिस जाम से निजात पाने के लिए मंथन कर रही है। 
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